फैक्ट्री में मजदूरी करके परिवार चलाने वाले मजदूर की बेटी ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम की जिला टॉप-10 की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया। इस मेधा ने अपने क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे में जिले में नाम रोशन किया। इधर, बेटी के अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने की खुशी से मां की आंखें भर आईं।
कस्बा स्थित राजीव नगर मोहल्ला निवासी अरविंद राठौर की पत्नी मनोरमा ने बताया कि उसके पति बाहर फैक्ट्री में काम करते हैं। जिससे परिवार का भरण पोषण होता है। वह अपनी पुत्री मुस्कान राठौर को पुखरायां में ही रखकर बाईपास स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की शिक्षा दिला रही थी। उसे विश्वास नहीं था कि उसकी पुत्री पिता के परिश्रम को इस तरह ध्यान रखकर मेहनत करेगी।
विद्यालय के प्रबंधक रामेंद्र सिंह सचान और शिक्षक अनिल श्रीवास्तव ने मुस्कान को कामयाब बनाने में सहयोग किया। इधर, रविवार की दोपहर हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम आते ही उसकी गली में जैसे ही मीडिया कर्मियों ने मुस्कान राठौर का नाम पूछते हुए दस्तक दी, तो वह गदगद हो उठी। पुत्री की कामयाबी को देखकर दौड़ कर उसने मुस्कान का माथा चूम लिया। मोहल्ले और आसपास के लोग घर पर आकर बधाईयां देने लगे।
विद्यालय के प्रबंधक और शिक्षक भी घर पर पहुंचकर बधाई दी। मां ने पुत्री का मुंह मीठा कराते हुए सभी को इस कामयाबी में सहयोग के लिए मिठाई बांटी। गदगद स्वर में कहा कि उसकी पुत्री ने आज पिता के अथक परिश्रम को सकार कर दिखाया है। जिले के टॉप-10 में शामिल मुस्कान राठौन ने अपनी कामयाबी के पीछे मां मनोरमा, पिता अरविंद राठौर एवं विद्यालय के शिक्षकों का हाथ बताया है।
उसका कहना है कि वह बैंक की एक बड़ी अधिकारी बनना चाहती है। जिसके लिये वह हमेशा शतत् प्रयत्नशील रहेगी। वहीं नेशनल इंटर कॉलेज के टॉप-10 में शामिल होकर गौरांग सचान ने कामयाबी का परिचम फहराया है, जो बैंक में कार्यरत अपनी बहन रश्मि सचान को आदर्श मानता है। गौरांग सचान का कहना है कि वह अच्छी शिक्षा हासिल करके ऐसी नौकरी करना चाहता है जिससे समाज को एक नया आयाम दिया जा सके।
बताया कि उसके पिता वेदीलाल सचान व मां सविता सचान गदाईखेड़ा गांव में रहकर शिक्षण कार्य करा रहे हैं। उसकी बहन रश्मि बैंक में कर्मचारी है। उनकी प्रेरणा से उसने परिश्रम कर यह स्थान प्राप्त किया है।