पुखरायां। नगर के गायत्री नगर निवासी अजय यादव की पत्नी आरती (30) को बुधवार इटावा के साम्हो और भरथना स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से टीटीई ने फेंक दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे शव घर पर आने पर चीत्कार मच गई। ससुर ने बताया कि बहू के कोई संतान नहीं थी और उसी के इलाज के लिए दिल्ली जा रही थी। तभी यह घटना हो गई।
मूलरूप से बरौर थाना के महोलिया निवासी अजय यादव भारतीय नौसेना में चेन्नई में तैनात हैं। सूचना मिलते ही वह वहां से चल दिए थे। गुरुवार शाम को घर आ गए। इसके बाद शव को गांव ले जाकर दुर्वासा आश्रम के निकट सेंगुर नदी के घाट में अंतिम संस्कार कर दिया।
आरती के ससुर भगवान सिंह उर्फ हसनू ने बताया कि वह किसानी करते हैं। उनका एक ही बेटा अजय है। उसकी शादी 2020 में नौबस्ता कानपुर निवासी आरती से हुई थी। पांच वर्ष बीतने के बाद भी बहू के कोई संतान नहीं हुई थी। बहू दिल्ली में किसी चिकित्सक से इलाज करवाने जाती थी। वह कुछ समय से अपने मायने नौबस्ता में ही थी। इस बार उससे कैसे चूक हो गई जो पटना से आनंद विहार जा रही स्पेशल ट्रेन बैठ गई। इटावा क्षेत्र में ट्रेन में टीटीई ने टिकट को लेकर उसे परेशान किया और वह कूद गई। जिससे उसकी मौत हो गई। जब जानकारी मिली तो सभी लोग सन्न रह गए।
वहां टीटीई के खिलाफ शिकायत की है। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पुखरायां आए। बेटे के आने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सास सरोज सहित परिजन रोते बिलखते रहे। आरती के पति अजय यादव ने बताया कि जो जानकारी दी गई उसे सिर्फ उतना ही पता है।