डायल 112 पर पुलिस को सूचना
उसने पास जाकर देखा, तो नवजात बच्ची रो रही थी। बच्ची के शरीर में ब्लड, झाड़ियों के कांटे और नाभि से नारा जुड़ा था। किसान ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। 15 मिनट में ही पीआरवी 460 की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस बच्ची को सीएचसी लेकर पहुंची
पुलिसकर्मी बच्ची को झाड़ियों से बाहर निकालकर आनन फानन भीतरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। नवजात को किसने जन्म दिया और जंगल में क्यों फेंक दिया। इसके बारे में पुलिस को अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले की जांच की जा रही है।
बच्ची के शरीर में लकड़ी और कांटे चुभने के जख्म
वहीं, भीतरगांव सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि बच्ची के शरीर में लकड़ी और कांटे चुभने के जख्म हैं। हालत स्थिर बनी हुई है। बताया इसकी सूचना बाल कल्याण समिति को भेजी जाएगी। पड़री गांव में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।