कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला थिकिंग लाइक ए पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल ने छात्रों को स्वास्थ्य क्षेत्र की नई सोच के साथ जोड़ा। यह कार्यशाला कम्युनिटी इंपावरमेंट लखनऊ के सहयोग से हुई। इसमें मास्टर्स ऑफ पब्लिक हेल्थ विभाग के छात्र शामिल रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. संदीप कुमार सिंह ने कहा कि अब देश को केवल डॉक्टरों की जरूरत नहीं है। ऐसे पब्लिक हेल्थ लीडर, ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो बीमारी के कारणों पर काम करें। डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने फील्ड आधारित शिक्षा पर जोर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार 2030 तक स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी। विशेषज्ञों ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, यूनिसेफ, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के आधार पर बताया कि भारत में 68 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी रोगों से होती हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस गंभीर चुनौती बन चुकी है।
छात्रों को रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य नीति, सामुदायिक सहभागिता, डेटा विश्लेषण और कार्यक्रम प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्राब्लम बेस्ड लर्निंग, स्टेकहोल्डर मैपिंग, बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन और मॉनिटरिंग एंड इवेल्यूशन जैसे अभ्यासों के जरिए उन्हें वास्तविक परिस्थितियों से रूबरू कराया गया। डॉ. मानस उपाध्याय, डॉ. प्रशांत, डॉ. अंशु सिंह शामिल रहीं।