कानपुर। शहर के दादानगर में पहली फ्लैटेड फैक्टरी तैयार हो गई है। इसका फिनिशिंग का काम मार्च के अंत तक पूरा हो जाएगा। अप्रैल के अंत तक यहां पर इकाई लगाने का काम भी शुरू होने की उम्मीद है। दरअसल, फिनिशिंग के काम के लिए बजट न आने से इसके निर्माण का समय बढ़ाया गया था। इसमें होजरी, टेक्सटाइल, रेडीमेड की 144 इकाइयां लगनी हैं।
शहर के दादानगर में पिछले साल इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसके निर्माण कार्य को दिसंबर 2024 में पूरा होना था। भूतल के अलावा चार मंजिल की इमारत बनाई गई है। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से इसे बनाया जा रहा है। कुल बजट 38 करोड़ 19 लाख का है। निर्माण एजेंसी यूपीएसआईसी है।
यूपीएसआईसी के अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार बाजपेई ने बताया कि भूतल के अलावा चार मंजिल की इमारत बन चुकी है। फिनिशिंग कार्य भी इसी महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। अप्रैल से फायर समेत अन्य विभागों की एनओसी का काम शुरू होगा। इसी महीने इकाइयों के लगने का भी काम शुरू हो सकेगा। 70 प्रतिशत से ज्यादा इकाइयों का आवंटन उद्यमियों को किया जा चुका है। फ्लैटेड फैक्टरी में प्रदूषण रहित इकाइयों को लगाया जाएगा।
शहर में होजरी उद्योग एक नजर
सालाना कारोबार करीब एक हजार करोड़ है। शहर के दर्शनपुरवा, पनकी, कर्नलगंज आदि जगहों पर 1200 इकाइयां हैं। करीब 50 हजार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हैं। फ्लैटेड फैक्टरी बनने से होजरी उद्योग संगठित होगा। निर्यात की भी संभावना बन सकेगी। हालांकि, अभी शहर से निर्यात शून्य है। फ्लैटेड फैक्टरी बनने से शहर के होजरी, रेडीमेड उद्योग को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। कोलकाता, तिरुपुर के कारोबारियों को शहर के कारोबारी टक्कर दे पाएंगे।
यह होती है फ्लैटेड फैक्टरी
इस प्रकार की इकाई में उद्योग के अनुरूप मशीनें लगाई जाती हैं। सभी आधारभूत सुविधाओं के अलावा बिना प्रदूषण वाली इकाई स्थापित होती है। अभी तक पहले उद्यमियों को प्लाॅट दिया जाता था। इसके बाद वो अपने उद्योग के अनुरूप सेटअप तैयार करते थे।