शपथ तो पता है पर पद क्या है यही नहीं पता। रविवार को तिलक हॉल में कांग्रेस शहर इकाई 151 पदाधिकारियों को यहीं नहीं पता था कि उन्हें कौन सा पद मिला है। वे एक-दूसरे से पद के बारे में पूछते रहे।
ऐसे में कांग्रेस शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री को मंच से एनाउंस करना पड़ा कि जिन्हें पद की जानकारी नहीं है वे शपथ ले और पद का कालम खाली छोड़ दें। जिसे बाद में भरा जाएगा।
शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री से अपनी नजदीकी का फायदा उठाते हुए शहर इकाई में असंभव दिखने वाली जंबो कमेटी का गठन तो कर लिया।
रविवार दिन में 11 बजे से लेकर करीब दो बजे तक शपथ ग्रहण का सिलसिला चला। पदाधिकारियों को प्रिंटेड शपथ पत्र दिए गए थे। इसमें नाम, पद, काम, मोबाइल नंबर और घर के पते का कालम बनाया गया था।
ऊपर कांग्रेस पार्टी, सोनिया और राहुल गांधी के प्रति निष्ठा की कसम खाने वाली लाइनेें भी लिखी थीं। हालांकि पदाधिकारियों को ऊपर वाली लाइनों से कोई मतलब नहीं था।
वे सिर्फ यह जानने के लिए इधर उधर दौड़ लगा रहे थे कि आखिर उन्हें कार्यकारिणी में पद कौन सा मिला है। एक पदाधिकारी ने बताया कि अखबार में पढ़ा जरूर है कि उन्हें पद मिला है, पर कौन सा है यह ध्यान से उतर गया।
शहर अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने घर के बाहर नेम प्लेट और छत पर पार्टी का झंडा जरूर लगाएं। यह भी कहा कि जिनके पास चार पहिया वाहन हैं, वे वाहन पर भी पार्टी का झंडा लगाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर दत्त मिश्र ने किया। इस अवसर पर केके तिवारी, मदन भाटिया, गुलाब कोरी, संतोष त्रिपाठी, कृपोश त्रिपाठी, प्रदीप गुप्ता, दीपक सैनी, चंद्रमणि मिश्रा आदि रहे।