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Kanpur News: खाद्य उत्पादों का हब बना शहर, चमड़ा-टेक्सटाइल उद्योग का दबदबा कम

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कानपुर। एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल चमड़ा और टेक्सटाइल उद्योग का शहर में दबदबा कम हो रहा है। शहर खाद्य उत्पादों का नया हब बन रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 1735 ट्रेडिंग, 613 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों ने उद्यम पंजीकरण कराया जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक है।
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वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कानपुर नगर में कुल 33015 उद्यम इकाइयों का पंजीकरण हुआ है। इन पंजीकृत इकाइयों में मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और ट्रेडिंग क्षेत्र की इकाइयां शामिल हैं। पंजीकृत इकाइयों में ट्रेडिंग क्षेत्र का दबदबा रहा जिसमें कुल 15105 इकाइयां शामिल थीं। इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 9052 इकाइयों का पंजीकरण हुआ। सेवा क्षेत्र में 8858 इकाइयों ने पंजीकरण कराया। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स और प्रमुख गतिविधियां रहीं। चमड़ा क्षेत्र में 609, रेडीमेड गारमेंट्स में 712 और खाद्य प्रसंस्करण में 613 इकाइयां पंजीकृत हुईं।
ट्रेडिंग क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण की 1735, रेडीमेड गारमेंट्स की 712 और होजरी की 614 इकाइयों या फर्म का पंजीकरण हुआ। सेवा क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर के 393, और रेस्टोरेंट व खाद्य प्रसंस्करण की 317 फर्मों ने पंजीकरण कराया। इस प्रकार मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और ट्रेडिंग तीनों में मिलाकर खाद्य उत्पादों से जुड़ी कुल 2666 पंजीकरण हुए।
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उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि खाद्य उत्पाद से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और ट्रेडिंग शहर में तेजी से बढ़ी है। सीएम युवा योजना में खाद्य उत्पादों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इस उद्योग को लगाने में बहुत बड़ी पूंजी की आवश्यकता नहीं होती है। अलग-अलग प्रकार के मिलेट्स उत्पाद, लड्डू, केक, पेस्ट्री, बिस्कुट, कुकीज, पास्ता, मैकरोनी, आइसक्रीम, आइसक्रीम कोन, कस्टर्ड पाउडर, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों की मांग शहर में तेजी से बढ़ी है। इसके चलते भी इन इकाइयों के पंजीकरण में रफ्तार आ रही है।
केस 01- कृष्णानगर में रहने वाले मनीष भाटिया पत्नी आरती भाटिया के साथ मिलकर लखनपुर में आटा के बने बिस्कुट और बेसन की नान खटाई बना रहे हैं। उनकी इकाई में आठ लोग काम कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के 100 से ज्यादा आउटलेट काउंटरों पर उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। इससे पहले वह बैग बनाते थे लेकिन कुछ कारणों से काम छोड़ दिया। उद्योग विभाग की सीएम युवा योजना के जरिये उन्होंने पांच लाख का लोन लिया और कारोबार आगे बढ़ाया। रितिका अग्रवाल ने कस्टर्ड पाउडर की यूनिट लगाई है। आवास विकास में रहने वाले अरविंद कुमार 4.25 लाख का लोन लेकर आइसक्रीम और आइसक्रीम कोन बना रहे हैं। प्रशांत यादव और राकेश यादव मिलकर फ्लेवर्ड मिल्क उत्पादन का काम कर रहे हैं। मोहन बहल और दीपक गुर्जर मिलकर मैक्रोनी और पास्ता का कारोबार कर रहे हैं।
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