उत्तर प्रदेश में कानपुर के हैलट अस्पताल में बालरोग विभाग के एनआईसीयू में भर्ती 14 दिन के नवजात की मौत के बाद उसे लावारिस दिखाकर डॉक्टरों ने मॉर्चुरी में भेज दिया जबकि उसके मां-बाप उसी भवन में मौजूद रहे। नवजात का पोस्टमार्टम शुक्रवार को होगा।
परिजनों का कहना है कि बच्चे के ओंठ पर चोट है। इसके अलावा सिर पर भी चोट का शक है। बच्चे का कुछ दिन पहले मलद्वार बंद होने का ऑपरेशन हुआ था। बिठूर क्षेत्र के रहने वाले रमेश की पत्नी यशोदा के 14 दिन पहले जच्चा-बच्चा में प्रसव हुआ था।
नवजात का मलद्वार बंद था। इसकी सर्जरी की गई। परिजनों ने बताया कि यशोदा जच्चा में भर्ती रही और बच्चे को दूध पिलाने जाती रही। बाकी लोगों को कोराना के संक्रमण का खतरा बताकर मना कर दिया गया। दो दिन पहले यह कहकर बच्चा दिखाने से मना कर दिया गया कि बच्चे की तबीयत खराब है।
गुरुवार को बच्चे की मौत हो गई। पुलिस को सूचना देकर बच्चा लावारिस में भेज दिया गया जबकि मां-बाप वहीं रहे हैं। रमेश के भाई प्रेम ने बताया कि पुलिस घर आ गई और पूछने लगी। पुलिस को बताया गया कि मां-बाप भाग गए जबकि सब अस्पताल में ही रहे हैं। उसका कहना है कि बच्चे के चोट है। शक है कि वह गिर गया था। बच्चे का पोस्टमार्टम शुक्रवार को होगा।