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Kanpur News: केंद्र सरकार 10,000-11,000 रुपये प्रति टन खरीदे आलू

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कानपुर। केंद्र सरकार ने 6,500.90 रुपये प्रति टन के भाव में उत्तर प्रदेश से 20 लाख टन आलू खरीदने की घोषणा की है। सरकार ने यह फैसला आलू किसानों को अपनी फसल को औने-पौने दामों में बेचने से रोकने की दिशा में उठाया है।
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चकरपुर मंडी में आलू मौजूदा समय में तीन से सात रुपये किलो में बिक रहा है। सात रुपये वाला आलू सबसे अच्छी गुणवत्ता का है। आढ़ती संगठन और किसानों का कहना है कि सरकार की पहल जरूर अच्छी है लेकिन भाव बेहद कम हैं। लागत मूल्य को देखने हुए कम से कम 10,000-11,000 रुपये टन के दाम पर खरीद होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। कोल्ड स्टोर अभी से फुल हो गए हैं। पूर्व में भी अलग-अलग क्षेत्रों के आलू किसानों ने अपनी तैयार फसल को जोत दिया था। चकरपुर मंडी में प्रतिदिन 40 ट्रक आलू आ रहा है।
आलू की पैदावार इतनी हुई है कि कोल्ड स्टोर अभी से भर गए हैं। केंद्र सरकार ने आलू खरीदने की योजना बनाई है। वह अच्छी है लेकिन आलू 6500.90 रुपये प्रति टन के भाव में खरीदा जाएगा जो बेहद कम है। ये कम से कम 10,000-11,000 रुपये प्रति टन होना चाहिए था। सरकार सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला ही आलू खरीदेगी। इससे आम किसान को बहुत अधिक लाभ की उम्मीद नहीं होगी। - पंकज कुशवाहा, अध्यक्ष, व्यापारी एसोसिएशन मंडी समिति चकरपुर।
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इस बार आलू का क्षेत्रफल अधिक होने व बेहतर पैदावार होने से आलू लागत का दाम भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। अभी अच्छी गुणवत्ता वाला आलू पांच हजार रुपये टन क्षेत्रीय मंडियों में है। यदि सरकार 6,500 रुपये टन की दर से खरीदती है तो किसानों को लाभ होगा लेकिन सरकार सिर्फ अच्छी प्रजाति और साइज का ही आलू खरीदेगी। सुशील कटियार, किसान गांगूपुर
सरकार 6,500 प्रति टन आलू खरीद करती है तो किसानों की लागत भी सीधी नहीं होगी। हां यदि कोल्ड भाड़ा भी सरकार चुकता करे तो सरकार के उक्त दाम सही हैं। इस खरीद से हाइब्रिड किसानों को लाभ की उम्मीद है लेकिन लाल, चिप्सोना और ऊर्जा आलू पैदा करने वाले किसानों को इतने दाम से घाटा ही रहेगा। - सुनील कटियार, आलू किसान, भीटी हवेली।
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