केंद्र सरकार ने आईआईटी की 70 करोड़ रुपये की रिसर्च और डेवलपमेंट ग्रांट रोक दी है। इससे रिसर्च कांप्लेक्स, हॉस्टल, इंटरनेशनल हॉस्टल और एयरो स्पेस इंजीनियरिंग बिल्डिंग का निर्माण कार्य ठप हो गया हैं। ज्यादातर रिसर्च प्रोजेक्ट भी बंद हो गए हैं।
अब स्टूडेंट्स की सुविधाओं में कटौती का प्रस्ताव है। आईआईटी कानपुर को शैक्षिक सत्र 2014-15 का पूरा बजट नहीं मिला है। यह पहला मौका है जब बजट में भारी कटौती की गई है। इससे आईआईटी प्रशासन ने इंटरनेशनल हॉस्टल, हॉस्टल-12, रिसर्च कांप्लेक्स का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
एयरो स्पेस इंजीनियरिंग भवन का विस्तार भी ठप है। लैब, लाइब्रेरी नहीं बन पा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आईआईटी को सालाना 250 करोड़ रुपये का बजट मिलता था लेकिन पिछले सत्र में 180 करोड़ रुपये का ही बजट मिला। कम बजट से कई प्रोजेक्ट रुके हैं, अब स्टूडेंट्स की सुविधाओं में कटौती पर आईआईटी प्रशासन विचार कर रहा है।
आईआईटी की आंतरिक आय कम है, सो सारी व्यवस्था सरकार से मिलने वाले बजट पर निर्भर करती है। आईआईटी की विश्व स्तरीय रैंकिंग में सुधार की दिशा में आईआईटी कानपुर भी काम कर रहा है। बजट में कटौती से इस मुहिम को झटका लग सकता है।
सूत्रों ने बताया कि जो बजट रोका गया है, उसके मिलने की उम्मीद कम है, क्योंकि वित्तीय घाटा कम करने को ग्रांट रोकी गई है।
बजट काटने से रिसर्च और निर्माण कार्य रुक गए हैं। विस्तार का काम भी प्रभावित है। पूरा बजट नहीं मिला तो स्टूडेंट की सुविधाओं में कटौती करनी पड़ेगी। केंद्र के बजट से ही आईआईटी का रिसर्च और डेवलपमेंट होता है। आंतरिक आय कोई खास नहीं है।
- प्रो. मणींद्र अग्रवाल, डीन ऑफ फैकल्टी