राष्ट्रीय स्वाभिमान अभियान के संस्थापक और चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं को हवा-हवाई बताया। बिना सरकार और मोदी का नाम लिए उन्होंने कहा कि देश को बुलेट नहीं बल्कि पैसेंजर ट्रेन की जरूरत है। विदेशी निवेश को गलत बताते हुए उन्होंने घरेलू बाजार को मजबूत करने पर जोर दिया।
इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को पार्टी के बुजुर्गों का सम्मान करने की भी नसीहत दी। गोविंदाचार्य रविवार को यहां श्रीकृष्ण तुलसी यात्रा में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से भी वार्ता की।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गोविंदाचार्य ने कहा कि मांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए। बूचड़खानों में काम करने वालों को दूसरे रोजगारों में लगाया जाए। उनका कहना है कि गोहत्या बढ़ने की वजह से ही किसानों में आत्महत्या बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्होंने सर्वाधिक सक्रिय प्रधानमंत्री बताया।
उनकी विदेश यात्राओं पर कोई टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि चीन का माओत्सेतुंग कभी भी देश से बाहर नहीं गया। उसके यहां विदेशी शासक खुद ही आते थे। विकास के लिए विदेशी निवेश को उन्होंने गलत बताया। बिहार चुनाव में भाजपा की हार पर कहा कि वह ज्यादा तो नहीं जानते, लेकिन इतना सुना है कि भाजपा पांच चरणों के परिणाम में पीछे रही, यह बड़े अचरज की बात है।
यूपी 2017 विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने भाजपा को सुझाव दिया कि वह जमीन पर काम करने वालों से जरूर संपर्क बनाए। असहिष्णुता के मामले में पुरस्कार लौटाने को गलत बताया, बोले विरोध का तरीका दूसरा होना चाहिए।