कानपुर। कार से टक्कर मारने के बाद फौजी मनोज यादव और उसके साथियों ने लाठी डंडों से पीटा। सिर में चोट लगने से दीपक बेहोश हो गया और गोविंद की मौके पर मौत हो गई। मुझे भी बेहोशी आ रही थी। इतने में एक पीली टीशर्ट पहने युवक ने मेरी नाक पर उंगली लगाकर देखा कि मैं जिंदा हूं कि नहीं। दूसरे ने मेरी छाती में धक्का देना शुरू किया। डर के कारण मैंने कोई हरकत नहीं की। तब मुझे मरा समझ वह भाग निकले। ये बात हैलट में भर्ती गोविंद पाल के दोस्त शिवम पुलिस से कही।
बीते एक मार्च को प्रधान के भतीजे गोविंद पाल की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले की जांच कर रही पुलिस ने घायल शिवम और दीपक के बयान लिए। दोनों ने बताया कि गोविंद के दोस्त आदि का विवाद निपटाने के लिए फौजी मनोज यादव के गांव पहुंचे थे। मनोज ने अपने साथियों के साथ मिलकर आदि और उसके लोगों पर हमला कर फायरिंग की। इस दौरान दीपक, गोविंद और शिवम एक ही स्कूटी पर भागे। मनोज यादव ने अपने साथियों के साथ कार से उनका पीछा किया और स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपी उतरे और लाठी डंडों लात घूंसों से तीनों पर हमला कर दिया जिसमें गोविंद की मौके पर मौत हो गई थी।
सोमवार देर शाम डॉक्टरों ने शिवम की टूटी हुई टांग का ऑपरेशन किया गया। शिवम के मुताबिक आरोपियों में से एक ने कहा कि इन सबको उठाकर नहर में फेंक दो। इसपर दूसरे आरोपी ने कहा था कि हम सब फंस जाएंगे। तब सभी आरोपी वहां पर सबको मरा समझ कर मौके से भाग निकले थे।
घायलों के बयान दर्ज किए गए हैं। बयानों में विरोधाभास है। हालांकि उनके बयानों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बृजेंद्र द्विवेदी, एडीसीपी पश्चिम
गोविंद के दोस्त को भी बनाया गया आरोपी
एडीसीपी पश्चिम ने बताया कि मृतक की मां गीता पाल ने हत्यारोपी मनोज यादव, नितेश, नितिन, अनिल, रवि यादव, मुन्नालाल, दीपक, इंदल, रज्जन, प्रमोद के साथ गोविंद के दोस्त आदी उर्फ बृजेन्द्र सिंह को भी आरोपी बनाया है। उसपर गोविंद को बुलाने का आरोप है। उसके बुलावे पर ही गोविंद अपने दोस्तों के साथ विवाद सुलझाने के लिए गया हुआ था। उससे भी पूछताछ की जा रही है।