शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने आतंकवाद को काबू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए कहा कि वे नवाज से बात करने की बजाय पाक समर्थित आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करने का काम शुरू करें तो बेहतर होगा।
उन्होंने कहा मारे जाने वाले आतंकियों को दफनाने की बजाए उन्हें जलाया जाना ही बेहतर होगा। साथ ही जेल में बंद आतंकियों की दामाद की तरह सेवा न की जाए, बल्कि उन्हें भरे चौराहे पर सजा दी जाए।
काशी सुमेर पीठ के शंकराचार्य बुधवार को किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रासलीला के आयोजन में शामिल होने आए थे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से भी बात की। शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राम मंदिर नहीं बनाना चाहती है।
यह काम राम भक्तों का है। क्योंकि नरेंद्र मोदी जहां भी सत्ता में रहे वहीं पर मंदिर तोड़े गए। गुजरात में उनके सीएम रहते हुए कई मंदिर तोड़ दिए गए। अब केंद्र सरकार में उनके आने पर महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कई जगहों पर मंदिर तोड़े गए। जिस शासक के शासनकाल में मंदिर तोड़े जा रहे हों, उससे मंदिर निर्माण की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में जितनी जल्दी हो सके सार्थक फैसला आना चाहिए। यह राजनीति का प्रश्न नहीं आस्था से जुड़ा हुआ सवाल है। शंकराचार्य ने प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाया। बोले सड़कों की दशा खराब है। इसके निर्माण को गंभीरता से देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री यदि इस पर खुद गौर करें तो यह प्रदेश की जनता के लिए राहत की बात होगी। इसी तरह गरीबों की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जरूरत है, किसानों को आत्म हत्या करने से रोकना। इसके लिए जरूरी है, किसानों की फसलों की कीमत किसान तय करे। उन्होंने कहा कि सैनिकों और संतों पर संकट मंडरा रहा है, इस मौके पर उनका स्वागत विधायक अजय कपूर ने किया।
अभिमन्यु के चरित्र का हुआ मंचन
कानपुर साउथ। किदवई नगर स्थित आयुर्वेद विद्यालय मैदान में चल रही श्रीकृष्ण रासलीला महोत्सव में बुधवार को वीर अभिमन्यु के चरित्र का मंचन हुआ। इससे पूर्व महोस्तव में शामिल होने आए जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जब जब धरती पर अन्याय बढ़ता है, तब प्रभु का अवतार होता है।
कृष्ण ने कंस का वध कर मानव जगत का कल्याण किया था। रासाचार्य राम स्वरूप ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से संसार को सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। इसके उपरांत मंच पर महाभारत का दृश्य दिखा तो हजारों की भीड़ में सन्नाटा सा पसर गया। इस मौके पर दीपक कोठारी, आचार्य प्रमोद कृष्णन आदि रहे।