लखनऊ में आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार द्वारा दिए गए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पर पिता सरताज अहमद ने शनिवार शाम कानपुर में अपनी प्रतिक्रिया दी। जाजमऊ स्थित अपने घर में सरताज ने कहा कि हमने किसी भी तरह की जांच की कोई मांग नहीं की थी। योगी सरकार के आदेश के बाद जो अब मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है उससे हम संतुष्ट हैं।
सरताज ने कहा कि हम योगी सरकार के काम से संतुष्ट हैं, सैफुल्ला की मौत का कोई मलाल नहीं। हम अपनी तरफ से कोई जांच नहीं कराना चाहते हैं। घर पर एनआईए, एटीएस भी आई लेकिन कभी किसी ने परेशान नहीं किया। घर की कई बार तलाशी ली गई और दस्तावेज इकट्ठे करके पुलिस ने अपने पास रख लिए। सरताज ने ये भी कहा कि मेरा बेटा सैफुल्ला भटक गया था। वह पूरे परिवार को गुमराह कर रहा था। कई बार उसने झूठ बोला। हमने कभी उससे कोई कॉन्टैक्ट नहीं किया। मुंबई जाने के बाद उसने कभी कोई हाल चाल घरवालों को नहीं बताया। यही वजह थी कि उसकी हरकतों से परेशान होकर हमने उससे सारे नाते पहले ही तोड़ लिए थे। जब वो मारा गया हमने लाश नहीं छुई, उसे पूरी तरह से घर से बेदखल कर दिया। वो हमारे घर का सदस्य नहीं था तभी हमने उसका चालीसवां भी नहीं किया। वहीं सैफुल्ला के भाई खालिद ने कहा मेरा भाई रास्ता भटक गया था लेकिन वो देश का दुष्मन है।
खुद को खुरासान ग्रुप के तौर पर प्रचारित कर रहे थे
सैफुल्ला एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले महीने एनकाउंटर में मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के संबंध में जांच के आदेश दे दिए गए है। यूपी सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं।इससे पहले राजधानी लखनऊ में करीब 12 घंटे चली मुठभेड़ के बाद मारे गए सैफुल्ला के संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए थे। पुलिस ने कहा था कि उसे सैफुल्ला सहित उत्तर प्रदेश से अब तक गिरफ्तार सभी आरोपियों के आईएसआईएस से लिंक के सबूत नहीं मिले हैं। शुरुआती जांच के हिसाब से ये स्वघोषित कट्टरपंथी हैं, जो खुद को आईएसआईएस खुरासान ग्रुप के तौर पर प्रचारित कर रहे थे। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया था कि दूसरे राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर लखनऊ, कानपुर सहित आसपास के इलाकों में कार्रवाई की गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
सैफुल्ला को जिन्दा पकड़ना चाहती थी पुलिस
सैफुल्ला
एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरूण ने बताया था कि सैफुल्ला को जिन्दा पकड़ना चाहते थे इसीलिए मिर्चीबम और आंसू गैस के गोले दागे गए। उससे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया लेकिन वह पुलिस पर फायरिंग करता रहा। मजबूरन एटीएस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी और उसे मार गिराया गया। इससे पहले रात करीब 10 बजे पुलिस अधिकारियों ने उसे मार दिए जाने का दावा किया था लेकिन थोड़ी ही देर बाद कहा गया कि अभी मुठभेड़ जारी है और मकान के अन्दर एक नहीं 2 आतंकी छिपे हैं।