एमपी पुलिस के अफसरों ने आरोपी आतिश और दानिश से पूछताछ के बाद खुलासा किया है कि आरोपियों ने भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में ब्लास्ट से पहले लखनऊ में बम ब्लास्ट करने का ट्रायल किया था। लखनऊ में कहां पर धमाके का ट्रायल हुआ, इस बारे में अफसरों ने कुछ नहीं बताया है। सूत्रों के अफसरों का मानना है कि ट्रेन में ब्लास्ट के आरोपियों के हैंडलर सरिया में बैठे हैं। वहीं से इन्हें गाइड करते हैं। हैंडलर का पता लगाने के लिए पुलिस सर्विलांस और अन्य तरीकों को अपनाएगी। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध आतंकी आईएसआईएस की मैगनीन पढ़कर प्रेरित हुए थे। अफसरों का मानना है कि एमपी में ट्रेन ब्लास्ट मामले की जांच जल्द ही एनआईए को सौंप दी जाएगी।
सैफुल्ला के कमरे में रची गई थी साजिश
लखनऊ में सैफुल्लाह के एक पड़ोसी ने एटीएस टीम को बताया है कि कुछ दिन पहले गौस मोहम्मद खान बाइक से कुछ सामान लेकर हाजी कालोनी आया था। इससे अफसर आशंका जता रहे हैं कि एमपी में ट्रेन ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल हुआ आईईडी पाइप बम हाजी कालोनी स्थित इसी घर में तैयार हुआ था। कई और वारदात को अंजाम देने के लिए इसी घर में विस्फोटक और अन्य सामान जुटाया गया था, जहां सैफुल्लाह मुठभेड़ में मारा गया था।
दो साल पहले भोपाल गया था दानिश
दानिश करीब दो साल पहले भोपाल गया था। वहां छह महीने तक रहकर प्राइवेट नौकरी की थी। इस वजह से उसे भोपाल की भौगोलिक स्थिति की जानकारी थी। कुछ दिन पहले दानिश, फैसल और आतिफ ने भोपाल में ट्रेनों की रेकी भी की थी। इसके बाद सभी यूपी लौट आए थे। मंगलवार को ही सभी भोपाल पहुंचे थे। पकड़े गए दानिश, आतिफ समेत तीनों आरोपियों से पुष्पक एक्सप्रेस के लखनऊ के भोपाल तक के रेल टिकट मिलने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस लखनऊ रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे खंगालने की तैयारी कर रही है।