2022-23 में हुए सैकड़ों टेंडर की हो सकती है जांच
21 टेंडर में हुए फर्जीवाड़े के बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुए सैकड़ों टेंडर की जांच भी कराने की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस वर्ष 109 टेंडर (छोटे-बड़े दोनों मिलाकर) हुए हैं। जिसमें करीब 15 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च भी हो चुके हैं। पूर्व में हुए टेंडर में भी गड़बड़झाला की शिकायत मिल रही हैं।
जो टेंडर हुए हैं, उसकी डिटेल सार्वजनिक नहीं दे सकते हैं। जो टेंडर हुए हैं, वो हुए हैं, उनसे आपको क्या मतलब। जो भी मामला है उसकी जांच हो रही है। -अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड, लोक निर्माण विभाग, औरैया
बता दें कि जिले में लोक निर्माण विभाग ने पैचवर्क के नाम पर खेल कर डाला। बिना विज्ञप्ति प्रकाशित कराए ही 21 कामों के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये के फर्जी तरह से टेंडर करा दिए। टेंडर की पत्रावली जांचने व मिलान कराने पर मामला खुला, तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी ने टेंडर निरस्त कर विभागीय अधिकारियों पर जांच बैठा कर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।