तभी मौका पाकर आरोपी साइकिल से लहरपुर की तरफ भाग गया। थाना पुलिस ने छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्जकर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा एडीजे मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बहस की।
उन्होंने 16 वर्ष से कम आयु की नाबालिग पीड़िता से छेड़छाड़ करने पर अभियुक्त को कठोर दंड देने की बात रखी। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त हरिओम दुबे को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।