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टेंडर फर्जीवाड़ा: पीडब्ल्यूडी में हुए टेंडरों की हो सकती है जांच, 21 फर्जी टेंडर्स से चर्चा में है विभाग

Fri, 11 Nov 2022 08:04 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में सड़कों के पैचवर्क के नाम पर पीडब्लूडी विभाग का बड़ा खेल सामने आया था। दरअसल, बिना विज्ञप्ति प्रकाशित कराए ही 21 कार्य के लिए करोड़ों के टेंडर डलवा दिए गए। मामले में लोक निर्माण विभाग के कई अधिकारी व बड़े ठेकेदार भी जांच के दायरे में हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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औरैया जिले में पीडब्लयूडी विभाग में हुए फर्जीवाड़े के बाद जिला प्रशासन ने नजरें टेढ़ी कर ली हैं। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए टेंडर की जांच भी कराने की सुगबुगाहट होने लगी है। इसमें बड़े ठेकेदार, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

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लोक निर्माण विभाग ने पैचवर्क के नाम पर करोड़ों रुपए के फर्जी टेंडर करा दिए। सरकार ने गड्ढा मुक्त अभियान 15 नवंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 1.60 करोड़ के 21 टेंडर थे, जिसमें 55 से अधिक ठेकेदारों पर टेंडर डाले। सहायक अभियंता तीन नवंबर को टेंडर खुलवाने की फाइल लेकर गए थे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल ने विज्ञप्ति प्रकाशन को लेकर सवाल उठा दिया। एडीएम के मुताबिक पीडब्ल्यूडी विभाग ने कूटरचित तरीके से विज्ञापन की कॉपी निकलवाई। इस प्रकरण की गहनता से जांच जारी है। मामले में जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने टेंडर निरस्त करने के साथ जांच कराने की बात कही है।

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2022-23 में हुए सैकड़ों टेंडर की हो सकती है जांच
21 टेंडर में हुए फर्जीवाड़े के बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुए सैकड़ों टेंडर की जांच भी कराने की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस वर्ष 109 टेंडर (छोटे-बड़े दोनों मिलाकर) हुए हैं। जिसमें करीब 15 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च भी हो चुके हैं। पूर्व में हुए टेंडर में भी गड़बड़झाला की शिकायत मिल रही हैं।

जो टेंडर हुए हैं, उसकी डिटेल सार्वजनिक नहीं दे सकते हैं। जो टेंडर हुए हैं, वो हुए हैं, उनसे आपको क्या मतलब। जो भी मामला है उसकी जांच हो रही है।  -अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड, लोक निर्माण विभाग, औरैया
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बता दें कि जिले में लोक निर्माण विभाग ने पैचवर्क के नाम पर खेल कर डाला। बिना विज्ञप्ति प्रकाशित कराए ही 21 कामों के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये के फर्जी तरह से टेंडर करा दिए। टेंडर की पत्रावली जांचने व मिलान कराने पर मामला खुला, तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी ने टेंडर निरस्त कर विभागीय अधिकारियों पर जांच बैठा कर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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