कानपुर। महाराजपुर में धार्मिक नारा न लगाने पर दबंगों ने किशोर को बेरहमी से पीटा दिया और पैर में कांच की बोतल से हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। बच्चे के पिता ने पड़ोसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस का दावा है कि बच्चों में मारपीट हुई है, लेकिन धार्मिक नारे लगाने वाला आरोप झूठा है।
महाराजपुर थानाक्षेत्र के सरसौल गांव निवासी प्राइवेटकर्मी ने बताया कि गुरुवार को वह बस स्टेशन जा रहे थे। रास्ते में मिले पड़ोसी राजू शुक्ला उर्फ बरसाती लाल और उनके अन्य दो साथियों ने रोक लिया। गालीगलौज करते हुए पैर छूने और धार्मिक नारे लगाने को कहा। विरोध करने पर तीनों गालीगलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए थे। इसी खुन्नस में आरोपियों ने उनके नाबालिग बेटे को भी धार्मिक नारे न लगाने पर मारपीट की और कांच की बोतल तोड़कर पैर में घोंप दी। इससे वह लहूलुहान हाे गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। थानाप्रभारी महाराजपुर संजय पांडेय ने बताया कि बच्चे का मेडिकल कराने के बाद राजू शुक्ला उर्फ बरसाती लाल व उनके दो अन्य साथियों पर जानलेवा हमला, मारपीट करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मामले की जांच की गई तो सांप्रदायिक वाला आरोप गलत निकला। बच्चों के झगड़े में उसे कांच मारा गया है। मामले में पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। - सुमित सुधाकर रामटेक, एसीपी चकेरी
सरसौल में धार्मिक नारे लगाने का विरोध करने पर बच्चे की पिटाई और कांच मारने का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी अलर्ट हो गई। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही इलाके के लोगों से पुलिस ने अपील की कि बच्चों के विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कोई बहकावे में न आए।