Kanpur News: आईआईटी के टेककृति में लगी तीनों सेनाओं की प्रदर्शनी में रोबो डॉग आकर्षण का केंद्र बना। एलएमजी से लेकर युद्धपोत, रॉकेट लांचर, मिसाइल सप्लाई व्हीकल सहित अन्य वाहनों का प्रदर्शन हुआ।
अपनी ताकत को मजबूत करने के साथ सैनिकों के जीवन को बचाने में लगी सेना अब युद्ध में रोबो डॉग उतारने की तैयारी में है। यह रोबो डॉग सैनिकों की तरह कदमताल करने के साथ उछलकूद भी करता है। दुर्गम पहाड़ियों पर चलने के साथ हथियार उठाकर चला भी सकता है। आरएसी कंपनी की ओर से तैयार इस रोबो डॉग का भारतीय सेना में ट्रायल भी चल रहा है।
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आईआईटी के टेककृति में लगी तीनों सेनाओं की प्रदर्शनी में रोबो डॉग आकर्षण का केंद्र रहा। अधिकारियों के अनुसार 100 रोबो डॉग अलग अलग इलाकों के ट्रायल में लगे हैं। इनका वजन 52 किलो है और यह 10 किलो तक वजन उठा सकता है। यह सीढ़ी, पहाड़ी चढ़ने व उतरने में सक्षम है। रोबो डॉग में पांच कैमरे और दो सेंसर लगे हैं। कंट्रोल रूम से कैमरे की मदद से दुश्मनों की सीमा में भी यह हमला कर सकता है। यह इंटरनेट से संचालित है और सर्विलांस के लिए इसकी कोई निश्चित दूरी नहीं है।
20 किलोमीटर दूर से दुश्मन पर नजर रखेगी राजक दूरबीन
भारतीय सेना के जवान अब बंकर में 20 किलोमीटर दूर से ही अपने दुश्मनों पर नजर रखेंगे। दिन, रात, धुंध के दौरान भी दुश्मन की जानकारी पता चल सकेगी। यह संभव होगा राजक दूरबीन की मदद से। टाटा एडवांस की मदद से तैयार हो रही दूरबीन का ट्रायल पिछले पांच महीने से चल रहा है। सिक्किम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, उत्तराखंड समेत ग्लेशियर वाली सीमाओं पर ट्रायल हो रहा है। यह दूरबीन 1500 से 1600 मीटर ऊंचाई तक निगरानी करने में सक्षम है।
बंदूक से 100 मीटर दूर रहकर सैनिक करेगा फायर
7.62 एमएम एलएमजी की मदद अब सैनिक 100 मीटर दूर बंकर में बैठकर निशाना साधेंगे और 800 मीटर दूर अपने दुश्मन को मार गिराएंगे। बंकर में उपकरण की मदद से दुश्मन पर सटीक निशाना साधा जा सकेगा। टेककृति में इसी प्रकार से वायु और जल सेना ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का शुभारंभ सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने किया। इसके माध्यम से भारतीय सेना की क्षमताओं को लोगों ने करीब से देखा। नौसेना ने अपने युद्धपोत का प्रदर्शन किया तो थल सेना ने रॉकेट लांचर, मिसाइल सप्लाई व्हीकल सहित अन्य वाहनों का प्रदर्शन किया।