कानपुर देहात। आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के पदाधिकारी भारी संख्या में शिक्षकों के साथ डीएम कार्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन किया। इसके बाद अपनी मांग रखते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को पीएम व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौपा।
जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत ने कहा कि संघ के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी के निर्देश पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं और इस दौरान उन्होंने लाखों बच्चों को शिक्षित किया है। अब इन पर टेट की अनिवार्यता अन्याय है। शिक्षकों ने वर्षों की सेवा और अनुभव से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। शिक्षक सेवा समाप्ति या किसी भी प्रकार के अन्यायपूर्ण आदेश को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
कहा कि ज्ञापन में 23 अगस्त 2010 व शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट में छूट दिए जाने सहित अन्य की मांग की गई है। मीडिया प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि यदि सरकार ने निर्णय नहीं लिया, तो संघर्ष जिले में ही नहीं प्रदेश व राष्ट्र स्तर तक किया जाएगा। यह आंदोलन न केवल शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा का सवाल है, बल्कि आत्मसम्मान की लड़ाई बन गया है। यहां महामंत्री रामकुमार कटियार, कोषाध्यक्ष राहत अली, संरक्षक संजय सचान, प्रमोद पांडेय, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।