कानपुर। स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों से शिक्षकों को चुपचाप ढंग से हटाने का कार्य छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में किया जा रहा है। यह मुद्दा कानपुर विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (कुसफ्टा) की रविवार को हुई बैठक में प्रमुखता से उठा। विकासनगर में हुई बैठक में संगठन के अध्यक्ष डॉ. कमलेश यादव ने कहा कि स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों में दाखिले की स्थिति अत्यंत दयनीय है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन धीरे-धीरे शिक्षकों को हटा रहा है। पीड़ित शिक्षकों ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से उन्हें पढ़ाने से जबरन रोका जा रहा है। वेतन भी नहीं मिल रहा है। इससे रोजगार में रहकर भी बेरोजगारी का संकट है। महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों के शोषण के मामले में पहले भी विवि प्रशासन को सूचना दी जा चुकी है। जल्द ही संगठन विवि प्रशासन को ज्ञापन देगा। इस मौके पर डॉ. बृजेंद्र सेंगर, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. पुष्पलता तिवारी, डॉ. अनीता शुक्ला, डॉ. प्रशांत मिश्र, डॉ. अनुपम, डॉ. इंद्र देव, डॉ. प्रीति मिश्रा, डॉ. राज कटियार, डॉ. पुष्पा यादव आदि मौजूद रहीं। ब्यूरो