कानपुर में यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर शिक्षकों का विरोध मुखर हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि शहर रेड जोन में है, ऐसे में मूल्यांकन कार्य कराना अमानवीय है।
कहा कि साधन चल नहीं रहे हैं, ऐसे में बिल्हौर, घाटमपुर, मंधना से आने वाले शिक्षक नहीं आ पाएंगे। वहीं हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले शिक्षक निकलेंगे तो उनमें संक्रमण भी फैल सकता है। पांच मई से शुरू होने वाले मूल्यांकन के संबंध में शनिवार को डीआईओएस सतीश तिवारी ने हॉटस्पॉट इलाके में स्थित केंद्र जीआईसी चुन्नीगंज में बैठक कर रणनीति तय की।
डीआईओएस का कहना है कि सुरक्षा का पूरा ख्याल रखते हुए पांच मई से ही मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। मूल्यांकन दो चरणों में होगा। मूल्यांकन 25 मई को खत्म करना होगा। कहा कि मूल्यांकन को दो चरणों में होगा तो परीक्षकों की संख्या वैसे ही आधी हो जाएगी। हर कमरे में सात से आठ परीक्षकों को ही बैठाया जाएगा।
दोनों चरणों में 10-10 दिन का समय दिया जाएगा। उन्होंने कि पहले दिन आने वाले शिक्षक बोर्ड की ओर से जारी नियुक्ति पत्र लेकर आएंगे, उनको केंद्रों में ही पास निर्गत होंगे। सुरक्षा के लिए प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र को पहले ही सैनिटाइज कराया जाएगा।
शिक्षकों के घरों में पहुंचाएं कॉपियां
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में संगठन प्रमुख श्रीकांत द्विवेदी ने इस आदेश को अमानवीय बताया। कहा कि शिक्षकों के घरों में ही कॉपियां पहुंचाई जाएं।
प्रदेश संयोजक शैलेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कई शिक्षक हॉटस्पॉट इलाकों में रहते हैं, ऐसे में वह कैसे मूल्यांकन केंद में आएंगे। वाहन भी नहीं चल रहे हैं। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में आने जाने से शिक्षकों के साथ उनके परिवार में भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
पहले चरण में इन विषयों का मूल्यांकन
हाईस्कूल
बीएनएसडी इंटर कॉलेज चुन्नीगंज: गणित
सरयू नारायण विद्यालय: हिंदी, संस्कृत
एबी विद्यालय: कला और गृहविज्ञान
इंटरमीडिएट
हरसहाय जगदंबा सहाय: हिंदी, सामान्य हिंदी
डीएवी: अंग्रेजी
जीआईसी: फिजिक्स