जिले के अकबरपुर स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र में शनिवार को शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग कराई गई। लेकिन शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग में भी विभागीय खेल जारी है।
मौके पर काउंसिलिंग के हालात यह है कि विभागीय दस्तावेजों को देखने का जिम्मा किसी लिपिक के पास है जबकि, मौके पर कोई और लिपिक काउंसिलिंग करा रहा है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सागर पति त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने आज ही जिले का चार्ज लिया है। यह मामला पूर्व बीएसए महेंद्र कुमार कनौजिया के कार्यकाल का है। मामले की जांच कर इसे ठीक कराया जाएगा।
कानपुर देहात जिले के 1213 शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग अकबरपुर स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र में चल रही है। शिक्षा विभाग ने 16, 17, 18 और 20 अप्रैल को तिथि निर्धारित की थी।
तीन दिन की इस काउंसिलिंग में सामान्य पुरुष, अनुसूचित महिला, पिछड़ी जाति पुरुष, अनुसूचित पुरुष और सामान्य महिला के 814 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हो चुकी है।
पिछड़ी जाति महिला के 399 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी। खास बात यह है कि ब्लाक संसाधन केंद्र में विभाग के जो क्लर्क काउंसिलिंग के कार्य को अंजाम दे रहे हैं, उनके नाम वह जिम्मेदारी ही दर्ज नहीं है।
उधर, बेसिक शिक्षा विभाग के दस्तावेजों में कार्य का निष्पादन करने के लिए वरिष्ठ लिपिक ओम प्रकाश शुक्ला का नाम पटल बाबू के तौर दर्ज है।
मौके पर पूरी काउंसिलिंग को अनुराग सचान निष्पादित करा रहे हैं। साथ में विभाग के उमराव सचान, विवेक सचान, अरविंद सेंगर, प्रकाश मोहन, आनंद बाजपेयी, आशीष द्विवेदी भी कार्य करा रहे हैं।