जीआईसी प्रिंसिपल पद पर चयन होने पर मां को मिठाई खिलाते जितेंद्र सिंह यादव।
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। कहिंजरी के जितेंद्र ने अफसर बनने के लिए कड़ी मेहनत की। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के रिजल्ट में पूर्व शिक्षक के बेटे का नाम आया तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। डीएम ने जितेंद्र को बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनका चयन जीआईसी प्रिंसिपल पद के लिए हुआ है।
रसूलाबाद कस्बे के कहिंजरी दानी निवादा निवादा मलखान सिंह यादव के बेटे जितेंद्र ने प्राथमिक शिक्षा गांव के परिषदीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद आठवीं तक कहिंजरी के एक स्कूल पढ़े। माध्यमिक शिक्षा असालतगंज के एक कॉलेज से प्राप्त करने के बाद उन्होंने झींझक के एक डिग्री कॉलेज से स्नातक किया। जितेंद्र ने कानपुर के डीएवी से बीएड किया। बाद में पीसीएस की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। उन्होंने अधिकारी बनने के तीन प्रयास किए, लेकिन असफल रहे। जितेंद्र ने हार नहीं मानी चौथे प्रयास में वह सफल हो गए। प्रिंसिपल कैटेगिरी में उनकी 65वीं रैंक आई है। उनका चयन जीआईसी प्रिंसिपल पद के लिए हुआ है।
जितेंद्र यादव ने बातचीत में बताया कि उनकी सफलता में पिता पूर्व शिक्षक मलखान, मां प्रभा देवी का विशेष योगदान रहा। बड़े भाई योगेंद्र यादव शिक्षक, धर्मेंद्र यादव अधिवक्ता हैं। वहीं, रविवार को डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने जितेंद्र के घर पत्र के माध्यम से शुभकामनाएं दी।