रसूलाबाद। बच्चा जब कुछ कहे तो उसे ध्यान से सुनें और उसका जवाब दें। जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़े। स्वर, व्यंजन को मिलाकर छोटे-छोटे शब्द बनाना सिखाएं। ये बातें निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान आधारित शिक्षकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के छठवें बैच के प्रशिक्षण के दौरान सोमवार को आरपीएस इंटर कॉलेज में एआरपी पारुल निरंजन ने शिक्षकों से कही।
उन्होंने कहा कि बच्चों को संख्याएं लिखने का अभ्यास कराएं। फ्लैश कार्ड या गिनने वाली वस्तुओं का उपयोग करें। कक्षा तीन में एनसीईआरटी आधारित हिंदी पुस्तक वीणा और गणित की पुस्तक गणित मेला को पढ़ाया जाएगा। बताया कि वीणा पुस्तक के माध्यम से हिंदी शिक्षण को पांच इकाइयों में बांटा गया है। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को पढ़ाते समय विभिन्न प्रकार के खेल आधारित वर्कशीट का प्रयोग करें जैसे अक्षरों को पहचानना, ध्वनियों से मेल करना या शब्दों को जोड़ना। गणित मेला पुस्तक के पाठों और उनमें निहित अवधारणाओं से शिक्षकों को अवगत कराया।
प्रशिक्षण में संदर्भदाता दिनेश कुमार ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को पहले स्वरों फिर व्यंजनों की ध्वनियों का अभ्यास कराये।जब बच्चे मूल ध्वनियों से परिचित हो जाए तो उन्हे मात्राओं को जोड़ना सिखाएं। संदर्भदाता मुकेश दिवाकर ने शिक्षकों को गणित मेला के अभ्यास कार्यों के महत्व के बारे में बताया। यहां प्रशिक्षण में अशोक कुमार, विजय सिंह, माया देवी, प्रेम कुमारी, देवेंद्र कुमार, भानु प्रताप सिंह, सुदीप कमल, अनुज कटियार आदि मौजूद रहे।