डायबिटीज की तरह जल्द ही चिप से घर में ही टीबी की जांच हो सकेगी। इस तकनीक पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। ब्लड की जांच से चंद मिनटों में ही पता चल जाएगा कि शरीर में टीबी का बैक्टीरिया विकसित हो चुका है या नहीं। नए डायग्नोस्टिक टूल से सटीक इलाज आसान होता जा रहा है। यह जानकारी शनिवार को यहां आए राजकीय मेडिकल काॅलेज, रायपुर (छत्तीसगढ़) के डॉ. जेपी पात्रा ने दी।
जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज के बायोकेमिस्ट्री विभाग की तरफ से आडिटोरियम में ‘रीसेंट एडवांस इन बायोकेमिकल एंड मॉल्युकुलर’ विषय पर हुई दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन डॉ. पात्रा ने बताया कि सामान्य बीमारियों के पीछे जीन का कारण हो सकता है।
वातावरण की वजह से जीन में चेंज आ रहे हैं। अब इसकी जांच की सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। मुख्य अतिथि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान विभाग राज्यमंत्री डॉ. शिवप्रसाद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संयोजन बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. आनंद नारायण सिंह ने किया। इसमें सीएमओ डॉ. आरपी यादव, डॉ. प्रशांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
नए टेस्ट से कैंसर की जांच, इलाज आसान
कानपुर। कैंसर मार्कर सहित अन्य अत्याधुनिक जांचों से कैंसर की जांच करना आसान हो गया है। समय से मर्ज का पता चलने पर इलाज भी समय से शुरू हो जाता है। नई रेडियोथिरैपी मशीन ट्रू-डीन से कैंसर रोगियों की जरूरत के हिसाब से रेडियोथिरैपी की जा सकती है।
यह जानकारी शनिवार को नाक-कान-गला के कैंसर पर हुई गोष्ठी में कैंसर रोग विशेषज्ञों ने दी। रॉयल कैंसर इंस्टीट्यूट एवं रिसर्च सेंटर की तरफ से ईएनटी एसोसिएशन के सहयोग से होटल विजयविला में आयोजित गोष्ठी में कैंसर सर्जन डॉ. राजेश अग्रवाल, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अनु तिवारी, डॉ. आदित्य नारायण, डॉ. मनीषा सिकोरिया, डॉ. आदित्य मिश्रा ने नाक, कान, गले के कैंसर के लक्षणों, जांच, आधुनिक तकनीक से इलाज की जानकारी दी।