कानपुर में टैक्सी चालक हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लूटी गई कार भी बरामद कर ली है। हत्यारों ने चलती कार में ही चालक की पहले गला कसकर हत्या कर दी थी फिर पहचान मिटाने के लिए ईंट से उसका चेहरा कूच दिया था। शव मेरठ में खेत में फेंक दिया था। आरोपियों ने अपना जुर्मकबूला है।
घटना के राजफाश में मेरठ पुलिस की अहम भूमिका रही। हरबंश मोहाल निवासी सचिन कुमार की अर्टिका कार एलिम्को हाउसिंग सोसाइटी विनायकपुर के दीपक उर्फ लकी चलाते थे। 28 जून की शाम को सेंट्रल स्टेशन से टैक्सी दिल्ली के लिए बुक कराई थी। तब से दीपक लापता था। मेरठ में रछौती-हसनपुर मार्ग किनारे गन्ने के खेत में 29 जून को दीपक का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने उसके पास से कागजात के आधार पर कानपुर पुलिस, टैक्सी मालिक और दीपक की मां को जानकारी दी थी।
शुक्रवार को परिजनों ने दीपके शव की शिनाख्त की थी। मेरठ पुलिस ने सर्विलांस की मदद से काफी जानकारी जुटाई थी। इधर सचिन से संपर्क कर कार बुक कराने वाले शख्स का मोबाइल नंबर लिया। उसी आधार पर हरबंश मोहाल पुलिस ने कन्नौज निवासी हिमांशु गुप्ता और सौरभ सौनी को गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटी कार भी बरामद कर ली।
इस तरह वारदात का दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने दिल्ली तक गए ही नहीं। हापुड पार करते ही आरोपियों ने गला चलती कार में ही दीपक का गला घोंटकर उसको मार दिया। उसके बाद वहां से सीधे मेरठ चले गए। शव खेत में ले गए और वहां पर ईंट से मारकर उसका चेहरा कुचल दिया। उसके बाद कार लेकर चले गए। जब पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया जिससे कार बुक कराई गई थी तब सभी परतें खुलती गईं। आरोपियों की लोकेशन औरैया में ट्रेस हुई थी। वहीं से दोनों की गिरफ्तारी हुई। हापुड़ टोल प्लाजा पर भी कार ट्रेस कर ली गई थी।