कानपुर के नौबस्ता चमन नगर में मोहल्ले वालों पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाने वाले पीड़ित ने नया खुलाया किया है। बताया कि 2003 में उसकी शादी हुई थी। कोई औलाद नहीं होने पर उसने एक बेटी गोद ली थी। आरोप है कि धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले लोग बेटी को गोद लेने को लेकर आए दिन ताने मारते थे।
बेटी हल्का सा लड़खड़ाकर चलती है, उसे भी ये लोग अपशब्द कहते हैं। इस बीच मुअज्जिन की मां उसकी पत्नी को इस्लाम कबूल करने पर खुद के बच्चे पैदा होने का लालच देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास करती रही। पत्नी पूजा गुप्ता, बेटी व मां राधा के साथ रहने वाले केस्को संविदा कर्मी विश्वनाथ गुप्ता ने आसपास रहने वाले मुस्लिम परिवारों पर मकान खाली करने से मना करने पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने उसकी पत्नी की तहरीर पर मोहल्ले के तारिख खान, आशू खान, राशिद खान उर्फ बबलू, मुअज्जिन समीर खान, उसकी मां अतिया खान, फरदीन खान, रजिया खान, महताब खान, अल्ताफ खान, अहद खान, जीशान खान, नफीस खान, दानिश खान, शन्नो व 40 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज, धमकी व धर्मांतरण का दबाव बनाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
शनिवार को पुलिस ने पीड़ित को मेडिकल के लिए भी भेजा। विश्वनाथ के अनुसार उसने 2001 में मकान एक लाख रुपये में खरीदा था। आरोपियों ने मकान को सात लाख में बेचने का भी दबाव बनाया था। उसने अपने मकान में बिकाऊ होने का पोस्टर भी चस्पा कर दिया था। बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद मोहल्ले के लोग उसे धमकियां दे रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वह सोमवार को डीसीपी साउथ से मिलेगा।