उसने बताया कि मुनर्वर खां के उसी मोहल्ले में तेजपाल उर्फ भगत उर्फ सिद्धबाबा निवासी नगला पसी का भी मकान है। पड़ोस के गांव का होने के कारण दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। तेजपाल ने एक रिश्तेदार की पत्नी का इलाज तांत्रिक से कराने की बात कही। इस बात पर उसने तांत्रिक मुनर्वर खां से मिलवाया था।
तेजपाल के रिश्तेदार के बच्चे रुड़की (देहरादून) में रहते थे। इसलिए तांत्रिक मुनर्वर को वही रुड़की ले गया। वहां इलाज के दौरान रिश्तेदार की पत्नी से मुनर्वर के संबंध हो गए। इसकी जानकारी तेजपाल के रिश्तेदार को हो गयी।
उसने तेजपाल को बहुत बुरा-भला कहा। दोनों ने मुनर्वर की हत्या का षड्यंत्र रचा। उसके बाद तेजपाल ने अब्दुल से संपर्क किया और उसको मोटरसाइकिल से लाने के लिए भेजा। अब्दुल ही तांत्रिक को मोटरसाइकिल से धौलपुर गांव लेकर आया था।
वहां योजनाबद्ध तरीके से तेजपाल ने उसके सिर पर डंडा मारकर गर्दन चाकू से काट दी और कपड़े उतारकर शव पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया। इसके बाद सभी लोग वहां से भाग गए। पुलिस ने अब्दुल कदीर उर्फ भांटी को गिरफतार किया है। उसके कब्जे से मृतक तांत्रिक मुनर्वर की बाइक बरामद करने का दावा किया है। साथ ही अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार में जुटी हुई है।