उसने पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया को टेनरी खाली कराने का ठेका दिया था। सूत्रों के अनुसार जिस शाम बवाल हुआ, उसी दिन घटना से कुछ देर पहले जाजमऊ स्थित स्वान टावर में के एक फ्लैट में टेनरी मालिक ने नारायण सिंह, रॉकी यादव व अन्य लोगों ने बैठक की थी। यहीं कब्जे की साजिश रची गई थी।
एक थानेदार की भूमिका संदिग्ध
टेनरी मालिक का एक थानेदार बेहद खास है। सूत्रों के मुताबिक उसको पहले से जानकारी थी। इसके बाद भी उसने मामला दबाए रखा और कब्जा कराने में मदद भी की। इसके बदले में उसने मोटी रकम भी ली थी।
खुलेआम घूम रहा है रॉकी यादव
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को नारायण व उसकी टीम सिविल लाइंस पहुंची थी। उसके साथ पुलिसकर्मी का बेटा व मामले में शामिल रॉकी यादव व अन्य लोग भी थे। इन लोगों ने चर्चा भी कि वे लोग तो फंस गए, लेकिन टेनरी मालिक बचा हुआ है। हालांकि रॉकी यादव व नारायण के अन्य साथी भी खुलेआम घूम रहे हैं। अभी तक उन पर कार्रवाई नहीं हुई।