झींझक। दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के झींझक रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर आंदोलनकारियों का अनशन शनिवार को भी जारी रहा। वार्ता करने पहुंचे रेलवे के अधिकारियों से बातचीत में कोई ठोस आश्वासन न मिलने से नाराज होकर सभी ने अब आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मुकुल शुक्ला ने शनिवार दोपहर धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया और वह भी अनशन पर बैठ गए। इससे पहले मंडल संयोजक कौशल किशोर मिश्रा अनशन की शुरुआत कर चुके थे। गांधी जयंती से शुरू हुए इस आंदोलन में मुख्य रूप से अप-डाउन जम्मू मेल एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर-नई दिल्ली और कोटा-पटना एक्सप्रेस के साथ-साथ अप रीवा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की जा रही है।
उन्होंने न केवल ट्रेनों के ठहराव की मांग की है, बल्कि दक्षिणी छोर से मुख्य मार्ग तक संपर्क सड़क और सीढ़ियां बनवाने, प्लेटफॉर्म संख्या तीन व चार का पूरा विकास करने, शेड, बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पेयजल और आधुनिक शौचालय का निर्माण कराने की मांग रखी है। इसके अलावा बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट या एस्केलेटर लगाने, तिरंगा सेल्फी पॉइंट बनाने तथा पार्किंग के पास मॉडल स्टेशन की तर्ज पर ओपन जिम बनवाने की बात भी कही गई है।
शुक्रवार को धरना स्थल पर इटावा से पहुंचे सहायक मंडल अभियंता ने मांग पत्र लेने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक कोई उच्च सक्षम अधिकारी मौके पर आकर लिखित या ठोस आश्वासन नहीं देता, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इसके बाद अधिकारी बिना किसी नतीजे के लौट गए। वहीं, शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच की। यहां कन्हैया पोरवाल, प्रदीप शर्मा, अंशु यादव, सरोज यादव, अभिषेक गुप्ता, प्रमोद कुमारी पांडेय, मानू पांडेय, अमित आदि मौजूद रहे।