चिकित्सा में विज्ञान ने कितनी प्रगति कर ली है इसका एक उदाहरण कानपुर के एक हास्पिटल में देखने को मिला। हास्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने 72 साल के मरीज को बिना बेहोश किए ब्रेन सर्जरी की। इसमें सबसे खास बात यह थी कि आपरेशन के दौरान वह पत्नी से मोबाइल पर बात करते रहे।
कानपुर के आर्यनगर निवासी लघु उद्योग निगम के सेवानिवृत सीनियर मैनेजर बालकृष्ण मालवीय (72) कमर में दर्द और पैरों में कमजोरी की शिकायत लेकर पिछले हफ्ते नगर के ही अपोलो एक्सल हॉस्पिटल पहुंचे थे।
अस्पताल के न्यूरो सर्जन अमित गुप्ता और एनेस्थेटिस्ट डॉ. वेद त्रिपाठी ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि स्पाइन की जांच कराने पर पता चला कि कमर के पास उनकी नस दब रही है। उनके सिर की भी जांच कराई गई। जांच में पता चला कि उनके सिर में दाहिनी तरफ आगे से पीछे तक खून का बड़ा थक्का जमा है।
इसी थक्के की वजह से कमर में दर्द और पैर कमजोर हो रहे थे। तब कमर की जगह ब्रेन सर्जरी का फैसला लिया गया। आपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश नहीं किया गया। एबैक टेनियाक्टमी विधि से आपरेशन के दौरान मरीज ने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर बताया और उनके बातें करते रहे।
इस बीच उनका आपरेशन पूरा कर लिया गया। लगभग डेढ़ घंटे आपरेशन चला। मरीज ने बताया कि आपरेशन के दौरान पत्नी से बात करते समय सिर में ठक-ठक होने जैसी आवाजें सुनाई दीं। आपरेशन कब पूरा हो गया, पता ही नहीं चला।