पत्नी को बताया- पुलिस ने ऑटो सीज कर दिया
हालांकि ओमप्रकाश भागकर घर आ गया। पत्नी सत्यरानी ने बताया कि जब वापस आने का कारण पूछा गया तो पति ने बताया था कि किसी अपराधी के ऑटो में बैठने की वजह से पुलिस ने ऑटो सीज कर दिया। उसके बाद वह पहाड़पुर में ही 10 साल तक कपड़ों में प्रेस का काम करते रहे। वर्ष 2011 में पति कपड़ों की रंगाई-पुताई के काम करने के लिए नासिक चले गए।
मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर ले गई
बीते वर्ष 2024 में हार्ट अटैक के बाद वह दोबारा पहाड़पुर आकर शहर में ऑटो चलाने लगे। बताया कि 27 मई को चार लोग सादी वर्दी में घर आए और ओमप्रकाश के बारे में पूछा और कहा कि ऑटो का चालान हुआ है। सेन चौकी आकर बात कर ले। जब वह चौकी पहुंचा, तो मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर ले गई। पूछताछ की जा रही है।
2001 में भी पुलिस ने दी थी दबिश
पत्नी के मुताबिक घटना के बाद 2001 में मुंबई पुलिस ने घर में दबिश दी थी। ओमप्रकाश के न मिलने पर परिवार के एक सदस्य को बिधनू थाने में बैठा दिया था। हालांकि तीन दिन बाद छोड़ दिया।