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UP: 24 साल तक परिवार से छुपाई हत्या करने की बात, 2001 में भी पुलिस ने दी थी दबिश, मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

Tue, 03 Jun 2025 12:22 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पत्नी के मुताबिक घटना के बाद 2001 में मुंबई पुलिस ने घर में दबिश दी थी। ओमप्रकाश के न मिलने पर परिवार के एक सदस्य को बिधनू थाने में बैठा दिया था। हालांकि तीन दिन बाद छोड़ दिया।
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हत्या आरोपित ओमप्रकाश दिवाकर उर्फ छोटे बउआ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सेनपश्चिम पारा के पहाड़पुर से गिरफ्तार हुए हत्या के आरोपी ओमप्रकाश दिवाकर उर्फ छोटे बउआ पिछले 24 साल से हत्या का राज अपने सीजे में छुपाए था। महाराष्ट्र पुलिस के गिरफ्तार करने से पहले तक उसने कभी परिवार के किसी सदस्य को यह बात नहीं बताई। 27 मई को जब मुंबई पुलिस ने गिरफ्तारी की परिवार को उसके इस कांड की जानकारी हुई।

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बता दें, ओमप्रकाश और कन्नौज निवासी हारुन अली पालघर के विरार में ऑटो चलाते थे। 14 जनवरी 2001 को दोनों ने मोहर्रम अली (46) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। उसी साल 28 मई को हारुन गिरफ्तार हो गया था। उसने बताया था कि मोहर्रम अली ऑटो में बैठता था लेकिन कभी किराया नहीं देता था। इसी के चलते उसकी हत्या की गई।

पत्नी को बताया- पुलिस ने ऑटो सीज कर दिया
हालांकि ओमप्रकाश भागकर घर आ गया।  पत्नी सत्यरानी ने बताया कि जब वापस आने का कारण पूछा गया तो पति ने बताया था कि किसी अपराधी के ऑटो में बैठने की वजह से पुलिस ने ऑटो सीज कर दिया। उसके बाद वह पहाड़पुर में ही 10 साल तक कपड़ों में प्रेस का काम करते रहे।  वर्ष 2011 में पति कपड़ों की रंगाई-पुताई के काम करने के लिए नासिक चले गए। 

मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर ले गई
बीते वर्ष 2024 में हार्ट अटैक के बाद वह दोबारा पहाड़पुर आकर शहर में ऑटो चलाने लगे। बताया कि 27 मई को चार लोग सादी वर्दी में घर आए और ओमप्रकाश के बारे में पूछा और कहा कि ऑटो का चालान हुआ है। सेन चौकी आकर बात कर ले। जब वह चौकी पहुंचा, तो मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर ले गई। पूछताछ की जा रही है।
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2001 में भी पुलिस ने दी थी दबिश
पत्नी के मुताबिक घटना के बाद 2001 में मुंबई पुलिस ने घर में दबिश दी थी। ओमप्रकाश के न मिलने पर परिवार के एक सदस्य को बिधनू थाने में बैठा दिया था। हालांकि तीन दिन बाद छोड़ दिया।
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