कमिश्नर कैंप कार्यालय पर कमिश्नर के साथ बैठक करते व्यापारी।
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कानपुर (ब्यूरो)। कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन के साथ आठ माह बाद हुई व्यापार बंधु की बैठक में समस्याओं से आजिज व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। पहली नाराजगी इस बात पर रही कि बैठक आठ माह बाद हो रही है और किसी भी विभाग का मुखिया मीटिंग में शामिल नहीं। जो अधिकारी आए हैं उन्हें समस्याओं की जानकारी तक नहीं होती, वे समाधान क्या खाक करेंगे। अधिकतर शिकायतें वाणिज्यकर विभाग से संबंधित रहीं। इसके बाद केस्को, नगर निगम, केडीए, पुलिस और आरटीओ के अफसर निशाने पर रहे। आप भी पढ़िए शिकायतों पर कमिश्नर का क्या एक्शन रहा।
व्यापारी नेता विनय द्विवेदी ने कहा कि वाणिज्यकर सचल दल की टीमें गाड़ी पकड़ने के बाद वसूली करती हैं। ट्रांसपोर्टर सीपी शर्मा ने कहा कि वाणिज्यकर सचल दल को शहर के अंदर गाड़ी पकड़ने का अधिकार नहीं लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर में गोदामों तक में छापामारी हो रही है। इसके पीछे सिर्फ वसूली का खेल है। फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि वाणिज्यकर से डीम्ड असेसमेंट की सुविधा नहीं मिल रही। आदेश हैं कि लिपिकीय त्रुटि पर व्यापारी को दफ्तर नहीं बुलाया जाएगा लेकिन ऐसा न करके व्यापारियों को जानबूझकर परेशान किया जाता है।
कमिश्नर ने कहा कि खुद सजग रहें। रिश्वत न दें। रिश्वत मांगने वालों को सार्वजनिक करें उनकी वीडियो बनाकर भेजें। ट्रांसपोर्ट नगर में छापामारी के लिए एडिशनल कमिश्नर से जानकारी करेंगे। डीम्ड असेसमेंट पर कहाकि जरूरत पड़ी तो अलग से मीटिंग बुलाई जाएगी।