‘सारी दौलत ले ले बेटा, पर मेरी जान बख्श दे’। सामने छुरी लिए खड़े बेटे की नीयत भांपकर बेगमपुरवा की आमना के मुंह से यही अंतिम वाक्य निकला था, लेकिन बेटे शहंशाह के सिर पर खून सवार था, रोती-गिड़गिड़ाती, जान की भीख मांगती अम्मी की गर्दन उसने अपने बाजू से जकड़ ली और दूसरे हाथ से उनका गला रेत दिया।
मंगलवार को बेगमपुरवा में रेलवे कर्मी की पत्नी आमना की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी सौतेले बेटे शहंशाह का यह कुबूलनामा मीडिया को बताया। सीओ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शहंशाह ने रुपये और जेवरों के लिए अपनी मां की गर्दन छुरी से रेती थी। पुलिस ने छुरी के अलावा सात लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
शहंशाह का कहना है कि अम्मी, अब्बू को लेकर न सिर्फ अलग रहना चाहती थीं, बल्कि वे उसकी और उसके भाई बादशाह की दौलत भी साथ ले जाना चाहती थीं। इसीलिए मार डाला। रेलवे कर्मी सलीम की पत्नी आमना की हत्या मंगलवार को घर के भीतर ही कर दी गई थी।
शुरू से ही शक के घेरे में आए सौतेले बेटे शहंशाह ने देर रात अपना जुर्म कुबूल लिया था। पुलिस ने आमना की हत्या के बाद लूटे गए सात लाख साठ हजार रुपये भी उसी के घर में रखी वाशिंग मशीन से बरामद कर लिए। शहंशाह ने बताया कि वह पांच महीने पहले सऊदी से जेवर और रुपये लेकर लौटा था, उसका बड़ा भाई बादशाह भी वहीं से कमाकर रुपये भेजता है।
अम्मी के कहने पर अब्बू सारा रुपया और जेवर लेकर अम्मी के मायके मंझनपुर (फतेहपुर) में मकान लेकर बसने की तैयारी कर रहे थे। इसी बात को लेकर उसका अक्सर अम्मी से विवाद होता था। मंगलवार जब घर पर कोई नहीं था, तो उसने अम्मी से अपने जेवर और रुपये मांगे, वह झगड़ने लगीं। उसी वक्त मचान में रखी पुरानी छुरी निकालकर अम्मी की गर्दन रेत दी।