स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों के कारण रीजेंसी में भर्ती कराई गई कंचन चौरसिया की सोमवार को मौत हो गई। सरकारी और निजी अस्पतालों से 12 संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। उधर, आईडीएच में भर्ती बच्चे को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है।
आईआईटी में काम करने वाली और वहीं कैंपस में रहने वाली कंचन चौरसिया (52) को 14 फरवरी को जुकाम, बुखार आदि लक्षणों की वजह से परिजन आईआईटी के हेल्थ सेंटर ले गए। वहां डॉक्टर ने उन्हें स्वाइन फ्लू होने की आशंका जताई। इस पर उन्हें रीजेंसी हास्पिटल में भर्ती करा दिया गया।
यहां एक निजी पैथालॉजी ने उनमें स्वाइन फ्लू की जांच के लिए थ्रोट से स्वाब (नमूने) लिए। नमूने को जांच के लिए दिल्ली स्थित अपनी लैब में भेज दिया, लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं आई।
इसी बीच सोमवार को सुबह कंचन की मौत हो गई। इसके बाद उसका दूसरा नमूना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया। उधर, संक्रामक रोग चिकित्सालय में बने स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती बांदा निवासी ढाई वर्षीय दिव्यांस की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
सोमवार को उसकी जांच रिपोर्ट लखनऊ से आई। एसीएमओ (प्रशासन) डॉ. वाईके वर्मा ने बताया कि दिव्यांस का इलाज हो रहा है।
इनके अलावा रतनदीप हास्पिटल में भर्ती डॉ. रेनू भट्ट, हैलट आईसीयू में भर्ती गड़रियनपुरवा विकास नगर की रामवती (50), इसी आईसीयू में भर्ती नया चौक परेड की निशी (20), बीएमटी हॉस्पिटल में भर्ती ओ-ब्लाक यशोदा नगर की बीनू भदौरिया (44)।
रीजेंसी में भर्ती सिविल लाइंस के मुकुल भार्गव (54), भार्गव हॉस्पिटल में भर्ती दूध वाला बंगला निवासी पारुल की बेटी बेबी (ढाई वर्ष), रीजेंसी में भर्ती हैप्पी टावर रतन लाल नगर की सरिता आर्या (55)।
मधुराज में भर्ती इंद्रा नगर की निशी सिंह (58), सेवन एयरफोर्स हास्पिटल में भर्ती रायबरेली के एमडी हारुन और बिधूना (औरैया) की अहाना गुप्ता के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं।