सीसामऊ नाले के पास उनका बाड़ा भी दिखा। सूअर बाड़ों के बाहर भी मंड़राते मिले। मकराबटगंज के इलाकाई लोगों ने बताया कि इस मोहल्ले में 22 सुअर पालक हैं। बड़ी संख्या में सूअरों की मौत के बावजूद उनके पास सैकड़ों सुअर हैं। कई अन्य मोहल्लों में सूअर और उनके बाड़े नजर आए। गोविंदनगर क्षेत्र के हलुवाखाड़ा सहित कई अन्य मोहल्लों का भी यही हाल मिला।
इन मोहल्लों में है सुअरों का प्रकोप
बजरिया, हर्ष नगर, कर्नलगंज, गूदड़ बस्ती, रामबाग, प्रेम नगर, ग्वालटोली, आरके नगर, नेहरू नगर, पीरोड, सीसामऊ, हलुआखाड़ा गोविंद नगर, संजय गांधी नगर नौबस्ता में नहरिया किनारे, बसंत विहार, परदेवनपुरवा, लालबंगला, नयापुरवा, मुंशीपुरवा, बगाही, बाबूपुरवा, मोतीमोहाल, हरवंश मोहाल, सुतरखाना, मरी कंपनी पुल रेलवे क्रासिंग से गंगाघाट रोड, भैरोघाट, सरसैया घाट, मैग्जीन घाट, जाजमऊ, स्वरूप नगर, खलासी लाइन, ग्वालटोली, बेनाझाबर आदि।
नगर निगम ने छह महीने में 700 सुअर पकड़े हैं, इन्हें 11.43 लाख में नीलाम किया गया है। 1 अक्तूबर से सुअरों को पकड़ने के लिए अभियान तेज किया जाएगा। -डॉ. आरके निरंजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम