वो प्रमोदवन परिसर में कुटी बनाकर रहते थे। उन्होंने आगे चलकर इसको दान में दे दिया। उनके निधन पर समाज सेवी अरुण गुप्ता, अभिमंयू सिंह, बुंदेलीसेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, धर्मनगरी महंत दिव्य जीवनदास, महंत रामप्यारे दास, कामदगिरी प्रमुख द्वार के प्रमुख पुजारी संत मदनदास, सनकादिक महाराज, योगेश जैन आदि ने दुख जताया।
अपने हाथों से अकेले मंदाकिनी नदी करते थे साफ
मंदाकिनी नदी मेें फैले प्रदूषण को अपने हाथों से अकेले ही साफ किया करते थे। जिनकी प्रेरणा से कई समाजसेवियों ने संगठन बनाकर नदी की सफाई के लिए संघर्ष करते रहे।
अग्रवाल समाज में भी शोक
चित्रकूट शहर में महराजा अग्रसेन की जयंती मना रहे अग्रवाल समाज के लोगों को जब स्वामी सानंद के निधन की जानकारी हुई तो सेठ रामनाथ रामकिशन धर्मशाला में ही कार्यक्रम को रोककर दो मिनट का मौन रखा गया। सभी ने उनकी कर्मठता की प्रशंसा कर श्रंद्धाजलि दी।