कन्नौज के ठठिया क्षेत्र में उमरन गांव में उस समय हड़कंप मच गया। जब हवा में फटे हुए गुब्बारे के साथ ग्रामीणों ने एक डिवाइस देखी। इससे हड़कंप मच गया। जानकारी पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि यह मौसम विभाग वेदर बैलून ट्रांसमीटर डिवाइस सेंसर है।
जिसे गुब्बारे के साथ मौसम की जानकारी के लिए आकाश में छोड़ा जाता है। गुब्बार फटने के बाद यह निष्क्रिय होकर जमीन पर गिर जाता है। बुधवार को उमरन गांव निवासी सुखलाल के घर के पास ग्रामीणों ने आकाश से गिरती हुई डिवाइस देखी। जिसे जमीन में गिरने के बाद ग्रामीण इसे संदिग्ध समझ बैठे। थोड़ी ही देर में सुखलाल के दरवाजे पर डिवाइस देखने के भीड़ जुट गई।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी कर ग्रामीणों को वेदर बैलून ट्रांसमीटर डिवाइस सेंसर के बारे में दी जानकारी
कोई इसे पाकिस्तान के विमान से गिरने की बात कहने लगा, तो कोई विस्फोटक समझ बैठा। इसकी जानकारी होते ही ठठिया थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार व सीओ सुबोध कुमार जायसवाल पहुंच गए। दिल्ली में मौसम अधिकारियों से बात करने के बाद सीओ ने बताया कि यह वेदर बैलून ट्रांसमीटर डिवाइस सेंसर है। मौसम की जानकारी के लिए इसे दिल्ली से गुब्बारे के साथ आकाश में छोड़ा जाता है। गुब्बारा फटने के बाद यह डिस्पोजल होकर नीचे गिर जाती है।
40 किमी ऊंचाई तक का मौसम डाटा देती डिवाइस
डिवाइस सेंसर को बैलून के साथ बांध कर आसमान में छोड़ा जाता है। आसमान में ऐसे डिवाइस सेंसर 40 किलोमीटर ऊंचाई तक और 300 किलोमीटर की लंबी दूरी की परिधि तक का डाटा उपलब्ध कराने में सक्षम होती है। अधिकारियों के मुताबिक आसमान में मौसमी तंत्र गड़बड़ा जाने से बैलून फूट जाते है, जो कहीं गिर कर नष्ट हो जाते हैं।
ट्रांसमीटर डिवाइस का वजन 90 ग्राम होता है। हाई पॉवर लिथियम बैटरी होती है, जो लंबे समय तक चलती है। डिवाइस की बॉडी थर्माकोल और पन्नी की होती है। नष्ट होने के बाद जमीन पर किसी के ऊपर भी गिर जाए तो इससे चोट लगने की संभावना कम ही होती है। डिवाइस की मदद सेे मौसमी वातावरण का दबाव, तापमान, आर्द्रता, विंड स्पीड (हवा की गति) और दिशा नापी जाती है।