कानपुर। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग की ओर से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए संविदा पर 17 युवाओं की टीम को तैनात किया गया था। इन्हें अलग-अलग इलाकों में जाकर सर्वेक्षण का कार्य करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें अपने खर्चे पर पेट्रोल भरवाने के साथ ही भोजन की व्यवस्था भी स्वयं करनी पड़ी। 10 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इस पर शनिवार को इन लोगों ने सीडीओ अभिनव जे. जैन को ज्ञापन दिया।
बताया कि संविदा अवधि समाप्त होने में दो महीने शेष रह गए हैं। कई बार भुगतान की मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सीडीओ ने उनकी नियुक्ति करने वाली कार्यदायी संस्था को तलब कर जवाब मांगा है। सीडीओ को ज्ञापन देने वालों में मोहम्मद फैसल, अहमद हुसैन, धर्मेंद्र कुमार पटेल, जीतेंद्र मिश्र, विनीत कुमार प्रजापति, अनुभव सिंह, धर्मेंद्र रावत, नेत्रप्रकाश, निर्देश कुमार, अनुराग त्रिवेदी, राजमणि मिश्र, रुचि यादव समेत अन्य कार्मिक शामिल रहे।
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कंपनी की तरफ से इनको मानदेय न मिलने की शिकायत आई थी जिसको लेकर एजेंसी से बात की गई थी। मानदेय देने की बात कही गई है। कर्मियों को मानदेय दिया भी गया है। - ईशा शर्मा, डीएसटीओ