रनियां। औद्योगिक क्षेत्र के विसायकपुर स्थित खाद्य तेल फैक्टरी में शनिवार देर रात को भूसी लदे ट्रक के बैक होने के दौरान पहिए से कुचल कर सुपरवाइजर की मौत हो गई। जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। फैक्टरी प्रबंधन के आर्थिक सहायता देने पर परिजनों ने 12 घंटे बाद घटना स्थल से शव उठने दिया।
विसायकपुर स्थित वैभव एडिबल खाद्य तेल फैक्टरी दो शिफ्ट में संचालित होती है। रात की शिफ्ट में लगभग 150 मजदूर काम करते हैं। गजनेर थाना के ररुआ निवासी रणवीर सिंह पिछले चार सालों से फैक्टरी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। शनिवार रात करीब 12.03 बजे वह भूसी लदे ट्रक के चालक को कांटा करवाने के लिए जगाकर लाया था। कांटा होने के बाद बैक करके प्वाइंट पर लगाने के दौरान पीछे खड़े रणवीर सिंह ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे की ट्रक चालक को भनक तक नहीं लगी। करीब 20 मिनट बाद वहां से गुजरे कांटा ऑपरेटर अमित कुमार ने उसे पड़ा देखकर शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुन आए मजदूर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा पाते तब तक उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पत्नी अनुसूइया, बेटा गगन, शत्रुधन व बेटी दिव्यांशी रोने लगे। गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत करवाने का प्रयास किया। देर रात से ही परिजनों व फैक्टरी प्रबंधन के बीच समझौते के प्रयास शुरू हो गए। रविवार दोपहर 12.10 बजे फैक्टरी प्रबंधन की ओर से परिजनों को चेक सौंपने के बाद परिजनों ने शव को उठने दिया। थानाध्यक्ष महेंद्र पटेल ने बताया कि परिजनों व फैक्टरी प्रबंधन के बीच समझौता हो गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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घटना के बाद वापस किए गए मजदूर
फैक्टरी परिसर में देर रात को हादसा होने के बाद परिजनों के हंगामा करने पर रविवार सुबह ड्यूटी करने पहुंचे मजदूरों को वापस घर लौटा दिया गया। मजदूरों ने बताया कि काम करने के दौरान मजदूरों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। संवाद