बार-बार चुनाव देश के विकास में बाधा हैं। अब चुनावी प्रकिया में बदलाव की आवश्यकता है। बीते 30 वर्षों में एक भी साल ऐसा नहीं रहा, जिसमें चुनाव न हुआ हो। बार-बार चुनाव देश के विकास में स्पीडब्रेकर हैं। यह बातें सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी एक राष्ट्र एक चुनाव को संबोधित करते हुए कहीं।
वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार में हुई संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि समय-समय पर देश में आवश्यकताओं के अनुसार कानून, शिक्षा व अन्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए है। अब जरूरत एक राष्ट्र एक चुनाव की है। पांच वर्षों की सरकार में करीब साल भर आचार संहिता लगे रहने के कारण विकास कार्य व परियोजनाएं रुक जाती है। करीब पांच से सात लाख करोड़ रुपये चुनावों में खर्च होते हैं। एक राष्ट्र एक चुनाव से इन पैसों को बचाकर अन्य क्षेत्रों में प्रयोग कर सकते हैं। 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव को अपनाना होगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि हर वर्ष चुनाव होने से देश के साधन, शक्ति का दुरुपयोग होता है। जनता को समझना होगा कि यह कितना महत्वपूर्ण है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में विवि सफलता के नए आयाम बना रहा है। कुलपति पाठक ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव से अतिरिक्त खर्च को बचाया जा सकता है।