मेडिकल कॉलेज में पंजीकरण काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
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कानपुर देहात। गर्मी बढ़ने के साथ उमस होने लगी है। यह लोगों को बीमार कर रही है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में नींद न आने, पेट में अपच की समस्या रहने के साथ वायरल के मरीज रहे। कुछ मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया गया, तो कुछ ओपीडी से दवा लेकर घर चले गए।
सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मेडिकल कॉलेज में करीब एक हजार लोग इलाज कराने के लिए पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ, फीजीशियन, चर्मरोग विभाग में भीड़ अधिक रही। बाल रोग विभाग में ज्यादातर बच्चे उल्टी, दस्त से पीड़ित पहुंचे। वहीं चर्म रोग विभाग में गर्मी की वजह से शरीर में लाल दाने, खुजली की समस्या लेकर लोग पहुंचे। जबकि फिजीशियन कक्ष में ज्यादातर लोग रात में नींद न आने व पेट में अपच रहने की समस्या बताई।
रनियां के कमल सिंह ने डॉक्टर को बताया कि दो दिन से पेट में अपच है। कुछ भी खाने पर गैस की समस्या होने लगती है। वहीं अकबरपुर की नगमा ने बताया कि उन्हें दो दिन से पेट में मरोड़ हो रही है। कुछ खाने पर अच्छा नहीं लगता। इधर इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को सुबह के समय डॉ. निशांत पाठक ने इलाज किया। उन्होंने बताया कि इन दिनों तेजी से बढ़ती गर्मी सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है। गर्मियों का ये मौसम पाचन स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। बढ़ती गर्मी के साथ अपच, गैस, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द से संबंधित समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।
खराब आहार, शरीर में पानी की कमी और शरीर की अत्यधिक गर्मी जैसे कई कारक गर्मियों में पाचन समस्याओं का कारण बन सकते हैं। गर्मी के मौसम में पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप कब्ज, एसिड रिफ्लक्स और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ने लगते हैं। बताया कि ऐसे में कम भोजन करें, ताजा भोजन पका कर खाए। तला, चिकना व बाहर का भोजन न करें। हरी व ताजी सब्जियों के साथ ऐसे फल का प्रयोग करें, जिसमें प्रचुर मात्रा में पानी हो। उन्होंने मरीजों को पानी अधिक पीने व धूप से बचने की सलाह दी।