उस समय भी पुलिस के सामने आरोपी युवक अकड़ में थे। सूत्रों की मानें तो उन्होंने डीसीपी और एडीसीपी साउथ तक से बेअंदाज होकर बात की थी। इस बात से साफ है कि आरोपी और उनका परिवार बेहद दबंग प्रवृत्ति का है और इस बात की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता था कि वह पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाए।
पीड़ित पक्ष के गांव जाने का बहाना कर पीछा छुड़ाया
चूंकि पीड़ित और आरोपी पक्ष एक ही जाति और एक ही गांव के थे, इसके बावजूद पुलिस ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए कोई कार्यवाही नहीं की। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित पक्ष के गांव जाने का बहाना कर मामले से पीछा छुड़ा लिया।
पीड़ित पक्ष पर आरोपी पक्ष का समझौते को लेकर दबाव था
सूत्रों का कहना है कि पुलिस की इसी शैली की वजह से पीड़ित पक्ष दबाव में आ गया और अंत में प्रताड़ित पिता के सामने आत्महत्या के अलावा कोई और रास्ता नहीं रह गया। पिता की आत्महत्या के बाद पूरे गांव में इसी बात की चर्चा रही कि पीड़ित परिवार पर दबंग आरोपी पक्ष का समझौते को लेकर काफी दबाव था।
दुष्कर्म जैसे मामले में समझौते का सवाल ही नहीं
हालांकि, डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार का कहना है कि दबाव की जानकारी मिलती, तो कार्रवाई की जाती। उन्होंने अपना व्यक्तिगत नंबर भी पीड़ित पक्ष को दिया था। साथ ही दुष्कर्म जैसे मामले में समझौते का सवाल ही नहीं उठता। कहा कि पीड़ित पक्ष हमीरपुर में जो भी तहरीर देगा, उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी बोले- लौटने का कर रहे थे इंतजार
घाटमपुर थाना प्रभारी पीके सिंह ने बताया कि जब से वो लोग गए हैं, तब से लौटकर नहीं आए। जब शव लेकर गए थे, तब हमीरपुर पुलिस को अवगत करा दिया गया था। मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने व जेल भेजे जाने के बाद परिजनों ने तो कोई धमकी मिलने जैसी बात कही और न ही किसी तरह की सुरक्षा की मांग की।
पहले बेटी, अब पिता, कौन मांगेगा इंसाफ
एक हफ्ते के भीतर बेटी और पति की मौत के बाद परिवार के बाकी सदस्य पूरी तरह से टूट गए हैं। परिजनों के रिश्तेदार सवाल कर रहे हैं कि जिस तरह से आरोपियों की दबंगई की वजह से पहले बेटियों और फिर उनमें से एक के पिता ने आत्महत्या कर ली, उसके बाद अब उनकी मौत के लिए इंसाफ की मांग करने की हिम्मत कौन करेगा। फिलहाल पुलिस इस सवाल के जवाब से ज्यादा अपना दामन साफ रखने की कोशिश में जुटी है।
परिवार को मिल रही थी राजीनामा करने की धमकी
बता दें कि दो किशोरियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर वीडियो बनाने व किशोरियों के आत्महत्या करने के एक सप्ताह बाद बुधवार को पीड़ित पिता ने फंदा लगाकर जान दे दी। ग्रामीणों में चर्चा है कि आरोपी भट्ठा संचालकों की ओर से परिवार को राजीनामा करने की धमकी मिल रही थी। इसके चलते पिता ने आत्मघाती कदम उठाया।
शराब पिलाकर किया था दुष्कर्म
सिसोलर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी परिवार कानपुर जनपद के घाटमपुर स्थित ईंट भट्ठों में परिवार सहित मजदूरी करने गया था। फरवरी महीने में भट्ठे के ठेकेदार रामस्वरूप के बेटे रज्जू व भांजे संजू ने दोनों किशोरियों को शराब पिलाने के बाद उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर वीडियो और फोटो बना लिए थे।
आरोपियों के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
आहत किशोरियों ने 29 फरवरी को ईंट भट्ठे के पास एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कानपुर की घाटमपुर पुलिस ने आनन-फानन मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों रामस्वरूप, रज्जू व संजू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों आरोपियों के मोबाइल को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था।
घाटमपुर से आई एक महिला ने भी पीड़ित परिवार को धमकी दी थी
ग्रामीणों में चर्चा है कि घटना के बाद से ही भट्ठा संचालकों की ओर से पीड़ित परिवार पर मामले में समझौता करने का दबाव बनाते हुए धमकी दी जा रही थी। बताते हैं कि बीते सोमवार को घाटमपुर से आई एक महिला ने भी पीड़ित परिवार को धमकी दी थी। पीड़ित पिता ने बुधवार सुबह करीब सात बजे गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर नाले के पास बबूल के पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।