कानपुर। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की कमेटी फॉर रिव्यू इन एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की ओर से शनिवार को लखनपुर स्थित सभागार में आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सीए पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए छात्रों, सीए से सुझाव और फीडबैक लिया गया। सीआईआरसी के चेयरमैन सीए अंकुर गोयल ने बताया कि आईसीएआई प्रत्येक पांच वर्ष में अपने शिक्षा एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की समीक्षा करता है ताकि बदलते व्यावसायिक परिवेश, उद्योग की आवश्यकताओं और तकनीकी प्रगति के अनुरूप भावी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को तैयार किया जा सके।
प्रतिभागियों ने बताया कि वर्तमान में दो वर्ष की व्यावहारिक प्रशिक्षण व्यवस्था के स्थान पर तीन वर्ष का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को अधिक अनुभव, परिपक्वता एवं व्यावहारिक समझ प्रदान कर सकता है। कार्तिक जिंदल, आशीष कालरा, मोहम्मद मुजीब, सौम्या जैन, रवलीन कौर, सोनाली जैन, स्मृति तिवारी ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। ज्ञान चंद्र मिश्रा, धवल कोठारी, नितिन गुप्ता, आर्यन, शनिध्या बरनवाल, ऐश्वर्या खंडेलवाल कपूर आदि मौजूद रहे।