गन्ना की पैदावार और चीनी उत्पादन बढ़ाने में आस्ट्रेलिया सहयोग करेगा। इस सिलसिले में आस्ट्रेलिया की 29 सदस्यीय टीम मंगलवार को कानपुर आ रही है। यह टीम नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) कल्याणपुर जाएगी। वहां ट्रेनिंग और रिसर्च की चीनी फैक्ट्री देखेगी, फिर स्टूडेंट फार्म पर जाकर गन्ना की नई प्रजाति और तकनीक का अध्ययन करेगी।
इसके बाद टीम देर शाम लखनऊ रवाना हो जाएगी। एनएसआई ने शाहजहांपुर और लखनऊ से गन्ना की दो नई प्रजातियां (सीओ 0238, सीओएलके 94184) मंगाई हैं। इन प्रजातियों की प्रति हेक्टेयर पैदावार 70 टन है। गन्ने की पैदावार और बढ़े, इसके लिए गन्ने पर पोटाश का एक्सपेरीमेंट किया जा रहा है।
पोटाश-पानी के डोज भी दिए जा रहे हैं। हाइब्रिड प्रजाति पर भी काम चल रहा है। निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि एनएसआई दुनिया का ऐसा संस्थान हैं, जहां पढ़ाई के साथ फैक्ट्री में प्रशिक्षण की सुविधा है। यही वजह है कि आस्ट्रेलिया की टीम कानपुर आ रही है।
इस टीम में चीनी फैक्ट्री मालिक, साइंटिस्ट, शिक्षक और किसान शामिल हैं, जो कि एनएसआई की तकनीक का अध्ययन करेंगे। जानेंगे कि गन्ना की पैदावार और चीनी उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है।
यह टीम मंगलवार को पूरे दिन एनएसआई में रहेगी। निदेशक ने कहा कि गन्ने की पैदावार और चीनी उत्पादन में आस्ट्रेलिया बेस्ट है। वहां के साइंटिस्ट एनएसआई आ रहे हैं। इसका फायदा एनएसआई के शिक्षक और स्टूडेंट को मिलेगा। उन्नत तकनीक पर आस्ट्रेलिया के साथ समझौता भी हो सकता है।