कानपुर देहात। वैश्विक बाजार में हुई चीनी के दाम की बढ़ोतरी ने नवरात्र के पहले दिन स्थानीय बाजारों में दिखाई देने लगा। पांच दिन पहले तक जो चीनी 50 रुपये किलो के भाव के बिक रही थी, वह अब 60 रुपये प्रति किलो के रेट पर पहुंच गई है। इससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। वैश्विक बाजारों में चीनी के दाम रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर मानसून की बेरुखी के कारण उत्पाद घटने की आशंका ने हालात गंभीर बना दिए हैं। कारोबारियों के अनुसार स्थिति को संभालने के लिए अब सरकार भी एथनॉल के लिए चीनी के डायवर्जन पर बैन लगाने पर विचार कर रही है।
स्टेट बैंक रोड स्थित किराना के थोक कारोबारी दिलीप ओमर ने बताया कि महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में इस साल चीनी का उत्पादन घटकर करीब 280 से 290 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो देश की कुल खपत के करीब ही है। इस समय थोक बाजार में 57 से 58 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। वहीं लोकल बाजार में इसका रेट 60 रुपये के करीब पहुंच गया है, जो पांच दिन पहले चल रहे भाव से करीब 10 रुपये अधिक है।