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शुगर से दुबले-पतलों को ज्यादा दिक्कत

Wed, 06 Apr 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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डायबिटीज, हेल्‍थ - फोटो : फाइल फोटो
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कानपुर। शुगर से पीड़ित दुबले - पतले लोगों को सबसे ज्यादा बीमारियां घेर रही हैं। इनके हाथ-पैर की नसें साथ छोड़ रही हैं। किडनी और रेटिना पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा चिंता की बात यह है कि कभी  शुगर इतना ज्यादा बढ़ जा रहा है कि दवा की डोज बढ़ानी पड़ जाती है, वहीं अचानक कम होने की वजह से मीठा खिलाना पड़ता है। उधर मोटे लोगों पर शुगर के दुष्परिणाम कम दिख रहे हैं। शुगर पीड़ित सामान्य बॉडी मॉस इंडेक्स (बीएमआई) वाले दोनों की तुलना में कम बीमार हैं।
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तीन साल में हैलट ओपीडी में आने वाले 150 मरीजों पर हुए रिसर्च में यह बात सामने आई है। रिसर्च में मरीज के ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट, पूरी जांच के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया है कि शुगर पीड़ित दुबले लोग ज्यादा बीमार रहते हैं। पहली बार इस तरह की हुई रिसर्च में दुबले, सामान्य और मोटे लोगों को शामिल किया गया है। सामान्य (जिनकी बीएमआई 19-30 के बीच हो) शुगर के मरीजों के अन्य अंगों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है।

न्यूरो सर्जन के खिलाफ जांच
कानपुर। हैलट में भर्ती मरीज का इलाज न करने पर न्यूरो सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह यादव के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चंद्र पांडेय के निर्देश के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने न्यूरो सर्जरी विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष सिंह को जांच सौंपी है। बता दें सड़क हादसे में घायल किदवई नगर के जी ब्लॉक निवासी सुधीर त्रिवेदी को 31 मार्च को हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया था। सिर पर चोट लगने के कारण न्यूरो सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह की यूनिट में भेजा गया। सोमवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के निरीक्षण के दौरान परिजनों ने शिकायत की कि डॉ. गजेंद्र पांच दिन से वार्ड में नहीं आ रहे हैं। निरीक्षण से ठीक पहले बेड शीट बदलने और दवाएं बाहर से मंगाने के भी आरोप लगाए। डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि परिजनों से लिखित में शिकायत देने को कहा गया है। मंगलवार को छुट्टी के कारण बुधवार को डॉ. गजेंद्र के बयान लिए जाएंगे।
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सुबह आठ से चार तक रहें डॉक्टर
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को सुबह आठ बजे से चार बजे तक कॉलेज और अस्पताल में रहना होगा। सीनियर डॉक्टरों को हर हाल में वार्डों का राउंड लेकर मरीजों के बारे में उनके तीमारदारों को जानकारी देनी होगी। बहुत जरूरी होने पर मरीज की सहमति से ही बाहर की दवाएं लिखी जाएं। सोमवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के निरीक्षण के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने डॉक्टरों के लिए सख्त निर्देश जारी किए। प्रिंसिपल ने कहा कि प्रमुख सचिव के निरीक्षण में जो भी खामियां मिली हैं उन पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला की मौत के मामले में आज होगी पूछताछः सोमवार को प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान राधापुरम गुबा गार्डेन कल्याणपुर निवासी सीएसए कर्मी मुलायम सिंह यादव की भाभी सुमन (35) पत्नी कप्तान सिंह यादव की मौत के मामले में बुधवार को पूछताछ की जाएगी। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि इलाज से जुड़े लोगों से जानकारी की जाएगी।
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